झारखंड में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण प्रक्रिया पर झामुमो ने उठाए सवाल, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, बिहार की तर्ज पर दस्तावेज़ संग्रह की मांग
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गृह-गणना चरण की विसंगतियों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है।

रांची. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गृह-गणना चरण की विसंगतियों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र में चुनाव आयोग से प्रक्रियागत स्पष्टता और एक समान नियमावली लागू करने की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जेएमएम के अनुसार वर्तमान में राज्यभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे मतदाता सामने आ रहे हैं जिनके अभिलेखों में विसंगतिया अनमैपड स्टेटस (अमानचित्रित स्थिति) चिन्हित है। पार्टी का आरोप है कि इन मतदाताओं के दस्तावेज़ों के संग्रहण और उनके भौतिक सत्यापन को लेकर अलग-अलग जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के बीच अलग-अलग व्याख्याएँ (कन्फ्यूजन) देखने को मिल रही हैं, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति है। पत्र में जेएमएम ने पड़ोसी राज्य बिहार की कार्यप्रणाली का हवाला देते हुए कहा है कि बिहार में इसी तरह की प्रक्रिया के दौरान गृह-गणना चरण में ही आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त और अभिलेखित करने की व्यवस्था की गई थी। इससे मतदाताओं को बाद में होने वाली प्रशासनिक कठिनाइयों से राहत मिली थी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी थी।


जेएमएम का कहना है कि झारखंड में भी इसी तर्ज पर काम होना चाहिए ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े। जेएमएम ने जिन चार बिन्दुओ पर स्पष्टीकरण मांगा है, उनमे झामुमो ने पुछा है कि क्या झारखंड में चल रहे SIR के तहत गृह-गणना के दौरान ही विसंगति (Anomaly) या अनमैप्ड वाले मतदाताओं से ज़रूरी दस्तावेज़ लिए जा सकते हैं?, यदि दस्तावेज़ लेने की अनुमति है, तो क्या राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और बूथ स्तर अधिकारियों को इस संबंध में एक समान और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं या नहीं?, यदि अब तक ऐसे निर्देश जारी नहीं हुए हैं, तो राज्यभर में एक समान व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एक स्पष्ट परिपत्र जारी किया जाए, यदि झारखंड में बिहार से अलग कोई प्रक्रिया अपनाई जा रही है, तो उसके विधिक और प्रशासनिक आधार को सार्वजनिक किया जाए ताकि कोई भ्रम न रहे।
लोकतंत्र का मूल आधार है शुद्ध वोटर लिस्ट
जेएमएम महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने पत्र के अंत में जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना ही हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि निर्वाचन आयोग इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द स्पष्टीकरण और दिशा-निर्देश जारी करेगा।



