कथित पेपर लीक कांड: 164 गिरफ्तार, 159 अभ्यर्थी शामिल, अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग से जुड़ा हुआ है बिहार का रहने वाला मास्टरमाइंड अरुण केसरी, हर अभ्यर्थी से प्रश्नपत्र के बदले में लिए थे 15 लाख
पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को सूचना मिली थी कि एक अधनिर्मित भवन में 150 से अधिक JSSC अभ्यर्थियों का जमावड़ा है और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं।

रांची. रांची पुलिस ने कथित उत्पाद सिपाही पेपर लीक कांड का उद्भेदन कर दिया है। इस मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तुपुदाना थाना क्षेत्र में स्थित एक अधनिर्मित भवन में छापेमारी कर कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 159 अभ्यर्थी और 5 गैंग के सदस्य शामिल हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को सूचना मिली थी कि एक अधनिर्मित भवन में 150 से अधिक JSSC अभ्यर्थियों का जमावड़ा है और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम ने देर रात छापेमारी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोग भागने लगे और अपने सामान को छिपाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी की घेराबंदी कर भवन के दो कमरों में सीमित किया और तलाशी अभियान चलाया।
मौके से क्या मिला
छापेमारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले है, जिनमें प्रश्न-उत्तर के तैयार सेट, प्रिंटर और अन्य उपकरण, फटे हुए एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन, बैंक चेक इतियादी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवा रहे थे। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति लेकर परीक्षा पास कराने का दावा करता था। इसके लिए अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से अभ्यर्थियों को इस ठिकाने तक लाया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गैंग के सदस्यों को सौंप दिए थे, जबकि कुछ ने बैंक चेक भी उनके नाम पर दे दिया था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी के साथ समन्वय स्थापित किया गया। तुपुदाना थाना में मामला दर्ज कर सभी 164 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, घटनास्थल से 8 वाहनों को भी जब्त किया गया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
मास्टरमाइंड का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार गिरोह का सरगना अतुल वत्स उर्फ अरुण केशरी (जिला जहानाबाद, बिहार) का रहने वाला है, जिसका पहले भी कई बड़े परीक्षा घोटालों में नाम सामने आ चुका है। इनमे राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, NEET पेपर लीक 2024, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा, बिहार 2024, रिव्यू ऑफिसर/असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर परीक्षा, उत्तर प्रदेश 2024 (STF द्वारा गिरफ्तार), उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 शामिल है।



