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गवाही से रोकने के लिए फिरोज पर चलाई थी गोली, हथियार और बाइक के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

साल 2022 में फिरोज अंसारी के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में भी अफसर अंसारी और उसके पिता इदुल अंसारी मुख्य आरोपी थे।

रांची. पिठौरिया थाना क्षेत्र में बीते 2 जून को फिरोज अंसारी पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राँची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के दोनों आरोपियों अफसर अंसारी और शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपराधियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई 7.65 mm की लोडेड पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (नंबर: JH01EJ-0872) बरामद कर ली है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 2 जून 2026 की शाम करीब 6:00 बजे की है। मदनपुर कोकदोरो के रहने वाले फिरोज अंसारी को निशाना बनाकर बाइक सवार दो अपराधियों ने जान से मारने की नीयत से उन पर गोली चला दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पीड़ित फिरोज अंसारी के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

सीनियर एसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के सीनियर पुलिस अधीक्षक के निर्देश और ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सीनियर डीएसपी (मुख्यालय प्रथम) अमर कुमार पाण्डेय कर रहे थे। पुलिस की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी शोएब अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस के बढ़ते दबाव को देखकर दूसरे मुख्य आरोपी अफसर अंसारी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस ने कोर्ट से अफसर अंसारी को रिमांड पर लिया और दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथियार और बाइक जब्त की गई।

क्यों मारी गई गोली?

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश और गवाही को रोकने का मुख्य कारण था। साल 2022 में फिरोज अंसारी के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में भी अफसर अंसारी और उसके पिता इदुल अंसारी मुख्य आरोपी थे। इस पुराने मामले में अफसर अंसारी कोर्ट से जमानत पर बाहर था, जबकि उसका पिता अभी भी जेल में है।

अफसर अंसारी लगातार फिरोज अंसारी पर दबाव बना रहा था कि वह कोर्ट में गवाही न दे। गवाही देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। चूंकि फिरोज हर हाल में कोर्ट में गवाही देने पर अड़े हुए थे, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह जानलेवा हमला किया गया।

चोरी और कबाड़खानों की वारदातों में भी हाथ

पुलिस पूछताछ में दोनों अपराधियों ने न सिर्फ फिरोज अंसारी पर गोली चलाने की बात कबूली है, बल्कि पिठौरिया और कांके थाना क्षेत्र में घर का ताला तोड़कर चोरी (गृहभेदन) करने की कई अन्य आपराधिक घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस इस संबंध में आगे की जांच कर रही है। अफसर अंसारी पर और भी चार मामले दर्ज हैं।

टीम में शामिल पुलिस अधिकारी

इस कार्रवाई में सीनियर डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय के साथ पुलिस इंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार, सब-इंस्पेक्टर संतोष यादव, सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, संजय कुमार और सशस्त्र जवान शामिल थे।

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