
रांची: खाड़ी देशों में संकट के बीच भारत को लेकर बड़ी खबर आ रही है. एएनआई के सूत्रों के अनुसार ईरान भारतीय झंडे वाले जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने देगा. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के बीच बातचीत के बाद ईरान भारत के झंडे वाले तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने देने पर सहमत हो गया है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी अपने एक्स हैंडल पर यह रिपोर्ट पोस्ट की और एक नोट लिखा, ‘इंडिया फर्स्ट’. इससे भारत में एलपीजी क्राइसिस संभलने की उम्मीद जगी है.
India First. pic.twitter.com/8GrlOZaAYT
— Amit Malviya (@amitmalviya) March 12, 2026
बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीप समेत कई देशों से डीजल आपूर्ति की मांग:
पड़ोस के देशों को एनर्जी मदद पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल कहते हैं, “…भारत रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक बड़ा निर्यातक है, खासकर हमारे पड़ोस में. हमें बांग्लादेश सरकार से डीजल की सप्लाई के लिए एक अनुरोध मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह बताना जरूरी है कि बांग्लादेश को डीजल निर्यात 2017 से काफी हद तक जारी है, लेकिन फैसले लेते समय भारत की रिफाइनिंग क्षमता, हमारी अपनी जरूरतें और डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा. हमें श्रीलंका और मालदीव समेत कई दूसरे देशों से भी ऐसा अनुरोध मिला है और हमारी अपनी एनर्जी जरूरतों और हमारे पास जो उपलब्धता है, उसे ध्यान में रखते हुए इनकी जांच की जा रही है.”
रांची में प्रशासन की लचर हेल्पलाइन व्यवस्था पहले दिन ही ध्वस्त:
इधर, राजधानी रांची में जिला प्रशासन की ओर से घरेलु एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत देने के इरादे से शुरू की गयी हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था पहले दिन ही हवाहवाई साबित हो गयी. रांची जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर शिकायत देने की व्यवस्था की थी. हालांकि आज दिनभर हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने के बावजूद कोई रिस्पांस नहीं मिला. उपभोक्ताओं का साफ कहना था कि संकट के दौर में रांची जिला प्रशासन खानापूर्ति करने के लिए जिस तरह उपभोक्ताओं के साथ मजाक कर रहा है, ये असहनीय है. यदि हेल्पलाइन नंबर पर कॉल उठाने वाला भी कोई नहीं है, तो हेल्पलाइन नंबर जारी करने का क्या मतलब है. बता दें कि रांची जिला प्रशासन ने अबुआ साथी के हेल्पलाइन नंबर 9430328080 पर घरेलु गैस के उपभोक्ताओं से गैस की किल्लत को लेकर शिकायत करने का आग्रह किया था. हालांकि दिनभर हेल्पलाइन नंबर पर फोन की घंटी बजती रही, मगर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया.



