उदित राज हत्याकांड: कोडरमा के प्राइवेट स्कूल में 16 साल के नाबालिग का मिला फंदे से लटका हुआ शव, परिजनों ने जताई सुनियोजित हत्या की आशंका, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार, रांची पहुंचे परिजन
कोडरमा में रांची के सफायर स्कूल जैसी घटना, हॉस्टल में छात्र के शरीर पर कई जगहों पर मिले टार्चर के निशान, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर हत्याकांड को दबाने का लगाया आरोप, घटना के दौरान बंद था स्कूल का सीसीटीवी फुटेज, जांच के लिए स्कूल गयी पुलिस को हॉस्टल से मिले 12 कारतूस

रांची/कोडरमा. कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित प्राइवेट स्कूल सेक्रेड हार्ट में फंदे से झूलते मिले 16 वर्षीय नाबालिग छात्र उदित राज की संदिग्ध हत्या या आत्महत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। अब इस मामले में उदित के परिजन न्याय की गुहार लगाने के लिए रांची पहुंच गए है। इंसाफ़ की आस में उदित के परिजनों ने राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से न्याय की गुहार लगाई है। राज्यपाल और सीएम के नाम उदित राज के परिजनों ने पत्र लिखा है और मिलने का समय माँगा है। उदित के परिवार वालो ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस पर मामले को आत्महत्या बता कर दबाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि जब से उदित का शव मिला है, तब से स्कूल के संचालक विनोद सिंह फरार है।

छात्र उदित राज की हत्या हुई या आत्महत्या ?
सबसे बड़ा सवाल है कि क्या 16 साल के होनहार छात्र उदित राज की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है। उदित की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक छात्र के पिता विजय कुमार यादव ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और न्याय की मांग की है। परिजनों के अनुसार, 3 मई 2026 की शाम करीब 6 बजे उदित राज का शव स्कूल हॉस्टल में फंदे से लटका हुआ मिला। हालांकि परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों ने बताया कि घटना के तीन सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है और जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

परिवार ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी सबसे पहले स्कूल संचालक विनोद सिंह और हॉस्टल के प्रबंधक राहुल सिंह द्वारा फोन पर दी गई थी। जब परिजन हॉस्टल पहुंचे तो उदित का शव जमीन पर पड़ा हुआ था और पंखे में दो गमछा बंधा था। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद घायल अवस्था में छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय इंतजार किया गया और जब परिजनों ने अपने वाहन से उदित को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो स्कूल प्रबंधक और हॉस्टल प्रबंधक ने अपनी बाहर खड़ी कार में उदित को आनन् फानन में अस्पताल पहुंचा दिया, जिसके बाद से स्कूल संचालक विनोद सिंह फरार है।

क्लास का होनहार छात्र था उदित राज, पढ़ने में भी था अव्वल
उदित के परिजनों ने दावा किया गया है कि यदि वास्तव में फांसी का मामला होता तो सबसे पहले पुलिस को सूचना दी जाती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल स्टाफ ने पुलिस को सूचना देने में देरी की और घटनास्थल से जुड़े कई तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई। मृतक के पिता ने कहा कि जिस पंखे से उदित के फांसी लगाने की बात कही जा रही है, उसकी ऊंचाई और कमरे की स्थिति को देखकर यह संभावना संदिग्ध लगती है। उन्होंने कहा कि कमरे में ऐसी कोई वस्तु नहीं थी जिसकी सहायता से उदित पंखे तक पहुंच सकता था। साथ ही गले पर बने निशान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि निशान कपडे के फंदे का नहीं बल्कि रस्सी जैसा प्रतीत होता है।

उदित के शरीर में है टार्चर के कई निशान
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उदित के शरीर पर कई चोटों के निशान थे। परिजनों के अनुसार, शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन, लाल निशान, आंखों के पास चोट तथा पेट और हाथों पर चोट के निशान मिले है, जिससे उदित की टार्चर कर हत्या की आशंका गहरा गयी है। उदित की बायीं हाइड्रोसील पर गहरे लाल निशान है, तलवे और घुटनो पर लाठी के मार के निशान है। बायां और दायां कान मार से काला हो गया है। दाहिने आँख में खून जम चुकी है। चेहरे पर मुक्को के प्रहार का निशान और पेट पर गहरे लाल अँगुलियों के निशान है, जिससे यह लगता है कि किसी ने उसके पेट पर जोर से वार किया था।
बंद था सीसीटीवी, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों के द्वारा कहा गया है कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे घटना के समय बंद थे, जिससे साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की गई है। मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों पर उन्होंने संदेह जताया गया, उनसे अब तक पुलिस द्वारा कोई पूछताछ नहीं की गई है। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर कई चोटों का जिक्र होने का दावा किया है। परिजनों ने यह भी बताया की जब पुलिस अनुसन्धान के लिए हॉस्टल में गई, तब उसे हॉस्टल से 12 कारतूस (गोली) मिली है, शिक्षा के मंदिर में कारतूस मिलने से शक और गहरा गया है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से न्याय की गुहार
मृतक के पिता विजय कुमार यादव ने राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो, इसकी मांग राज्यपाल और सीएम से की है। परिवार ने आवेदन के साथ एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो भी संलग्न की है।



