HeadlinesJharkhandRanchi

उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक और झारखंड में सांझेदारी

फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बल्लारी जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

रांची. फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बल्लारी जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसमें झारखंड और कर्नाटक के उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच व्यावसायिक विचारों, निवेश के अवसरों, औद्योगिक सहयोग और व्यापार विस्तार के संबंध में विस्तृत रोडमैप बनाया गया है। दोनों राज्यों ने भविष्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी तालमेल के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। चैम्बर भवन में बल्लारी जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल ने फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ महत्वपुर्ण बैठक कर राज्य में उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इससे झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच सीधी बातचीत से व्यापार सहयोग को एक नई गति मिलेगी।

झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ​​ने कहा कि झारखंड और कर्नाटक दोनों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड तेजी से औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य की वस्त्र नीति काफी आकर्षक है, और जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति भी जारी होने वाली है, जो निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रस्तुत करेगी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि झारखंड खनिजों से समृद्ध राज्य है, जहाँ लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट सहित विभिन्न प्रकार के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। राज्य बिजली के मामले में आत्मनिर्भर है और यहाँ कुशल मानव संसाधन की भी कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, झारखंड राज्य निवेश और उद्योग के क्षेत्रों में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

उद्योग निदेशक विशाल सागर ने उन्हें झारखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार झारखंड ने दावोस में आयोजित ‘विश्व आर्थिक मंच’ (World Economic Forum) में भाग लिया, जहाँ झारखंड चैंबर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के अवसरों की तलाश के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) में भी एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्य में निवेश की अपार संभावनाओं पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और कृषि क्षेत्र निवेश के लिए व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है।


उद्योग सचिव अरावा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक दृष्टिकोण से झारखंड एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ खनिज संसाधनों का विशाल भंडार है और यह एक सिद्ध औद्योगिक शक्ति केंद्र रहा है। हमारे राज्य में स्थापित औद्योगिक इकाइयाँ इसकी औद्योगिक क्षमता का जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने बताया कि बेल्लारी खनन, विनिर्माण और IT क्षेत्रों में अग्रणी है, और दोनों राज्यों के बीच आपसी सीखने और सहयोग के व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड चैंबर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की एक बेहतरीन परंपरा की शुरुआत की है, एक ऐसी पहल जिससे निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में उद्योग तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास के प्रति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। मुख्यमंत्री का विज़न खनन क्षेत्र में खनिज खनन से लेकर उच्च-स्तरीय समाधानों तक एक संपूर्ण ‘वैल्यू चेन’ (मूल्य श्रृंखला) तैयार करना है। इसी प्रकार, माननीय मुख्यमंत्री का विज़न राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से रूपांतरित करना है, जिसमें महिला उद्यमिता इसकी आधारशिला होगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में इको-टूरिज्म, महत्वपूर्ण खनिज, वस्त्र एवं रेडीमेड गारमेंट्स, खाद्य प्रसंस्करण और सुपर फूड्स क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

बेल्लारी में निवेश की संभावनाओं पर बोलते हुए, बेल्लारी ज़िला चैंबर के अध्यक्ष अव्वारू मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। बेल्लारी चैंबर के अधिकारियों ने झारखंड चैंबर को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले MSME कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक के दौरान, दोनों राज्यों के उद्यमियों और व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और विचारों का आदान-प्रदान किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

j Back to top button