ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार: ‘मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना’ के तहत वर्षों से लंबित पुलों की स्वीकृति के लिए विभागीय प्रक्रिया तेज, नए विधायकों की अनुशंसा को मिलेगी प्राथमिकता
विभाग ने विशेष प्रमंडल को जिलों से प्राप्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर जल्द से जल्द पुलों की अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है।

रांची. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और ग्रामीण सुदूरवर्ती क्षेत्रों को विकास मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण कार्य विभाग ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना’ के अंतर्गत राज्य के विधायकों के क्षेत्रों में लंबित पुल परियोजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। विभाग ने विशेष प्रमंडल को जिलों से प्राप्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर जल्द से जल्द पुलों की अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है।
दो साल का सूखा खत्म, नए विधायकों की अनुशंसा को प्राथमिकता
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान बजट आवंटन और तकनीकी कारणों से नई पुल योजनाओं की स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। इस गतिरोध को तोड़ते हुए अब वर्ष 2025-26 के बजट के साथ प्रक्रिया को गति दी जा रही है। इस बार की नीति में सबसे खास बात यह है कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में चुनकर आए 19 नए विधायकों की अनुशंसा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन नए विधायकों के क्षेत्रों में अब तक एक भी पुल योजना स्वीकृत नहीं हुई थी, जिससे स्थानीय स्तर पर आवागमन की भारी समस्या थी। नई नीति के तहत अब प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में औसतन ₹10 करोड़ तक की पुल योजनाओं को धरातल पर उतारने की कार्रवाई की जा रही है।
64.31 करोड़ की लागत से चमकेगा गोइलकेरा रोड, निविदा जारी
इसी कड़ी में पश्चिमी सिंहभूम के सुदूरवर्ती और महत्वपूर्ण गोइलकेरा से कारा व खजुरिया होते हुए रोम तक जाने वाली सड़क के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया है। पथ निर्माण विभाग ने 64.31 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के लिए टेंडर जारी कर दिया है। आगामी 21 मई को इसके लिए प्री-बिड मीटिंग रखी गई है। इस सड़क के बनने से नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों में न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा।
ठेकेदारों के बकाए का भुगतान, रुकी हुई ग्रामीण सड़कों का काम फिर होगा शुरू
राज्य के विभिन्न प्रमंडलों में राशि के अभाव में पिछले छह महीनों से ग्रामीण सड़कों का काम धीमा या बंद पड़ा था। ग्रामीण कार्य विभाग ने अब नए बजट से प्रमंडलों को राशि आवंटित कर दी है। मूल्यांकन के आधार पर ठेकेदारों के लंबित बकाए का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया गया है। इससे राज्य भर में रुकी हुई सड़कों का निर्माण दोबारा पूरी गति से शुरू हो सकेगा।
झारखंड में ग्रामीण सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण का लक्ष्य दोगुना
आपको बता दे कि राज्य सरकार ने भी ग्रामीण कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,500 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों और मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 130 नए पुलों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह पिछले वर्षों के औसत (70-75 पुल प्रति वर्ष) से लगभग दोगुना है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना में आई यह हालिया तेजी और बजट आवंटन, झारखंड के ग्रामीण इलाकों की बुनियादी समस्या को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि समय सीमा के भीतर डीपीआर पास कर काम शुरू करा दिया जाए, तो आने वाले मॉनसून से पहले राज्य के ग्रामीण इलाको में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



