
रांची/जमशेदपुर. झारखंड की उद्योग राजधानी जमशेदपुर में आज ईंधन संकट का सबसे बड़ा असर देखने को मिल रहा है। जमशेदपुर के 36 पेट्रोल पंपों में से 15 पेट्रोल पंप बंद हो गए है। पेट्रोल पंप बंद होने की अफवाह से जमशेदपुर वासियो ने पैनिक रिफिलिंग शुरू कर दी है।

जिला प्रशासन ने लोगो से अपील की है की जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, आम लोग पैनिक रिफिलिंग से बचे। प्रशासन की अपील का आम लोगो में कोई असर नहीं हो रहा है। जमशेदपुर के साकची, मानगो जैसे इलाको में स्थित पेट्रोल पंप आज सुबह से ही अत्यधित भीड़ का सामना कर रहे है।

बाइक, कार, बस और भारी वाहनों की भीड़ के कारण कई पेट्रोल पंप के आसपास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गयी है। तेल भरवाने के लिए लोग घंटो में कतार में खड़े होकर इंतज़ार कर रहे है। अफरा तफरी की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंप संचालकों ने ईंधन वितरण की सीमा भी तय कर दी है। दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये तक और चारपहिया वाहनों को 2000 रुपये तक ही तेल दिया जा रहा है।

शहर में ‘कोटा सिस्टम’ लागू
शहर के पेट्रोल पंप संचालकों ने स्टॉक बचाने और सभी को तेल उपलब्ध कराने के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। साकची जुबली पार्क पंप में एक कार में अधिकतम 40 लीटर तेल देने की सीमा तय की गई है। साकची बाजार HP पंप में डीजल की अधिकतम सीमा 150 लीटर तय की गई है। मानगो इंदू ऑटोमोबाइल में सामान्य पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, लोग महंगा प्रीमियम (पावर) पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं। शहर के पेट्रोल पंपों में किसी भी ग्राहक को डिब्बे या गैलन में तेल नहीं दिया जा रहा है ताकि ब्लैक मार्केटिंग और स्टोरेज को रोका जा सके।



