
रांची: राजधानी रांची के होटल रेडिसन ब्लू में आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की 27वीं बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। यह बैठक दोपहर तक चली। इसमें पड़ाेसी राज्य बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं पहुंचे थे। हालांकि, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए।

सीएम हेमंत सोरेन ने रखीं 31 मांगें:
जानकारी के अनुसार, परिषद की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र के सामने 31 प्रमुख मांगे रखीं। इनमें प्रमुख हैं :
- कोल कंपनियों पर बकाया 1.40 लाख करोड़ रुपये शीघ्र दिलवाया जाए।
- आदिवासी समाज की अलग धार्मिक पहचान ‘सरना धर्म कोड’ को केंद्र सरकार मंजूरी दे।
- सहकारी संघवाद की भावना से आगे बढ़ने का आह्वान।
- 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह सहायता देने वाली मंईयां सम्मान योजना, ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना और रांची मेट्रो जैसी संरचनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग।
- मुख्यमंत्री ने कहा, रांची मेट्रो परियोजना का अति शीघ्र क्रियान्वयन हो।
- पर्यटन और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सहायता दे।
- MSME सेक्टर के माध्यम से युवाओं को रोजगार और गांवों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।
- डीएमएफटी नीति : नीति में सुधार और पीएसयू क्षेत्रों में स्थानीयों को प्राथमिकता देने पर बल
- शिक्षा और स्वास्थ्य : शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए केंद्र की सहायता की मांग।
- झारखंड ने कोयला क्षेत्र (अधिग्रहण और विकास) अधिनियम में संशोधन की मांग की, ताकि खनन कंपनियां खनन पूरा होने के बाद राज्य सरकार को जमीन वापस कर दें।
- खनन कंपनियों को राज्य के भीतर उपयोग किये जाने वाले कुल उत्पादन की 30 प्रतिशत क्षमता वाले ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करने का अधिकार दिया जाये।
- पूर्वोत्तर राज्यों को दी जाने वाली विशेष सहायता झारखंड को भी दी जाये।
इन मांगों को रखते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार का सहयोग नितांत आवश्यक है। सहकारी संघवाद की भावना से आगे बढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि ये मांगें राज्य के लोगों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में निर्णायक कदम हैं। इसे गंभीरता से लिया जाए।

बैठक में इन्होंने की शिरकत:
परिषद की बैठक में गृहमंत्री अमित शाह के अलावा ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन मौजूद थे। वहीं, झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह आदि अधिकारी भी शरीक थे। दो राज्यों से मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में वहां के मंत्री प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय चौधरी, पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, ओडिशा के उप मुख्यमंत्री पी. परीदा अपने-अपने राज्य के दर्जनों अधिकारियों के साथ बैठक भाग लेने पहुंचे थे। बैठक में चार राज्य झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा व बिहार के प्रतिनिधि के अलावा अधिकारी शामिल थे।



