
रांची: आगामी मॉनसून के आगमन और पिछले वर्षों में बारिश के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए जल-जमाव, पेड़ गिरने तथा संभावित हादसों को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आज रांची नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में स्वच्छता और परिवहन शाखा की एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि पूरे मॉनसून सीजन में निगम ‘अलर्ट मोड’ में काम करेगा। जल-जमाव, नालियों का जाम होना या पेड़ गिरने जैसी किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को तुरंत राहत पहुँचाना नगर निगम की सबसे पहली प्राथमिकता होगी।
समीक्षा बैठक में लिए गए मुख्य फैसले:
1. 11 क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) का गठन:
जल निकासी व्यवस्था को चौबीसों घंटे दुरुस्त रखने के लिए कुल 11 क्विक रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। इनमें से 10 टीमें शहर के अलग-अलग जोन और संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी, जो बारिश के पहले, दौरान और बाद में जल निकासी की निगरानी करेंगी। 1 विशेष टीम को पूरी तरह आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रिजर्व रखा गया है, जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचेगी। इन टीमों में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत पंजीकृत सफाईमित्रों के साथ-साथ सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, सैनिटरी सुपरवाइजर और कनीय अभियंता भी शामिल रहेंगे ताकि समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान हो सके।
2. युद्धस्तर पर नाला-सफाई और संसाधनों में बढ़ोतरी:
संवेदनशील इलाकों में जल-जमाव रोकने के लिए हाई पावर मोटर पंप, अतिरिक्त जेसीबी (JCB) और स्किड लोडर जैसी भारी मशीनों की संख्या तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता शाखा को निर्देश दिया गया है कि जहाँ ज़रूरत हो, वहाँ नालियों के ऊपर लगे कंक्रीट स्लैब को हटाकर युद्धस्तर पर गाद निकाली जाए और सफाई के बाद स्लैब को वापस सलीके से रखा जाए। सभी नगर प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों के वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर बंद पड़े नालों की पहचान करेंगे और उन्हें तुरंत चालू करवाएंगे।
3. शिक्षण संस्थानों के पास विशेष अभियान:
विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी स्कूलों और कॉलेजों के आसपास के 500 मीटर के दायरे में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इन क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त स्लैबों की मरम्मत की जाएगी और खुले व खतरनाक नालों की बैरिकेडिंग की जाएगी ।
4. होर्डिंग, मोनोपोल और अस्थायी निर्माणों पर सख्त पाबंदी:
बाजार शाखा को निर्देश दिया गया है कि सभी पंजीकृत विज्ञापन एजेंसियों से उनके होर्डिंग्स, मोनोपोल और यूनीपोल की ‘स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट रिपोर्ट’ (मजबूती की जाँच रिपोर्ट) अनिवार्य रूप से ली जाए। रिपोर्ट न देने या ढांचा असुरक्षित पाए जाने पर हादसे की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। तेज हवा और भारी बारिश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राजनीतिक दलों, धार्मिक या निजी संस्थाओं द्वारा लगाए गए अस्थायी तोरण द्वारों, बैनरों और फ्लेक्सों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही 01 अक्टूबर 2026 तक ऐसे किसी भी अस्थायी निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
5. सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान:
अक्सर देखा जाता है कि प्लास्टिक कचरे की वजह से ही शहर का ड्रेनेज सिस्टम सबसे ज्यादा जाम होता है। इसे रोकने के लिए रांची नगर निगम कल से ही प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग और सिंगल-यूज प्लास्टिक की खरीद-बिक्री तथा उपयोग के खिलाफ युद्धस्तर पर छापेमारी और सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करने जा रहा है।
6. जोनल सुपरवाइजरों की भूमिका:
अब नगर निगम में ‘जोनल सुपरवाइजर’ शब्दावली का पारंपरिक उपयोग नहीं होगा। वे अब विशेष परिस्थितियों में काम करेंगे, जैसे- ड्रेनेज की निगरानी, QRT के साथ तालमेल और आपातकालीन राहत कार्यों का संचालन करना। डिब्डीह पुल और डीपीएस स्कूल मार्ग के पास बहने वाली नदी और बड़े नालों में जमा भारी जलकुंभी को हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि पानी का बहाव न रुके। हॉर्टिकल्चर (बागवानी) शाखा को पेड़ या डालियाँ गिरने की सूचना पर तत्काल पेड़ हटाने के लिए अपनी टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है।
7. कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा:
NULM शाखा के सामुदायिक संगठनकर्ता इस बार मॉनसून में वॉलिंटियर की भूमिका निभाएंगे और अपने इलाकों से जल-जमाव की सूचना तुरंत QRT तक पहुँचाएंगे। नगर निगम का कंट्रोल रूम मॉनसून के दौरान चौबीसों घंटे (24X7) सक्रिय रहेगा। जल-जमाव, पेड़ गिरने या किसी भी अन्य आपात स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके तुरंत बाद क्विक रिस्पांस टीम को रवाना किया जाएगा:
टोल फ्री नंबर: 1800-570-1235
मोबाइल नंबर: 9431104429



