मांडर सामूहिक दुष्कर्म मामला: पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 8 घंटे के भीतर 1 नाबालिग सहित 09 आरोपी गिरफ्तार, स्पीडी ट्रायल की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से अदालत से स्पीडी ट्रायल चलाने का विशेष अनुरोध किया जाएगा

रांची. मांडर थाना क्षेत्र में घटित सामूहिक दुष्कर्म मामले में रांची पुलिस ने तत्काल मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना की लिखित शिकायत मिलने के महज़ 8 घंटे के भीतर ही छापेमारी कर एक विधि विरुद्ध किशोर (नाबालिग) सहित कुल 9 आरोपियों को धर-दबोचा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 जून की शाम को मांडर थाना अंतर्गत ग्राम करगे की रहने वाली एक पीड़ित महिला ने थाने में लिखित आवेदन देकर अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को रिपोर्ट किया था। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मांडर थाना में मामला दर्ज किया और घटना की सूचना सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों को दी गई।
डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन और छापेमारी
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रांची एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), रांची के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक, खलारी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान एवं छापेमारी दल का गठन किया गया। इस टीम में मांडर, चान्हो, ठाकुरगाँव और बुढ़मू थाना के थाना प्रभारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल को शामिल किया गया।
गठित टीम ने तकनीकी और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर मांडर, चान्हो और बुढ़मू थाना क्षेत्रों के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप पुलिस ने घटना के महज़ 8 घंटे के भीतर कांड में संलिप्त सभी 8 वयस्क अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया और 1 विधि विरुद्ध किशोर को भी गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िता का रेस्क्यू और मेडिकल जांच
पुलिस टीम द्वारा त्वरित रूप से कानूनी व कागजी कार्रवाई पूरी की गई और पीड़िता के स्वास्थ्य एवं साक्ष्य संकलन को प्राथमिकता देते हुए उसे तत्काल मेडिकल जांच और बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, रांची भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में आयुष उरांव (22 वर्ष), पापड़ मुण्डा उर्फ प्रकाश मुण्डा (19 वर्ष), रामलुस कुजूर (23 वर्ष), रंजीत उरांव (24 वर्ष), उमेश भगत (23 वर्ष), दीपक उरांव (19 वर्ष), राम उरांव (19 वर्ष), विकास उरांव (23 वर्ष), एक विधि विरुद्ध किशोर (15 वर्ष) शामिल है।
कड़ी सजा के लिए कोर्ट में चलेगा ‘स्पीडी ट्रायल’
रांची पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। कांड का अग्रिम अनुसंधान तेजी से जारी है और सभी वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध अत्यंत अल्प समय में न्यायालय में पुख्ता आरोप पत्र समर्पित किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से अदालत से स्पीडी ट्रायल चलाने का विशेष अनुरोध किया जाएगा ताकि पीड़िता को अविलंब न्याय मिल सके।



