
कोलकाता: उत्तरी कोलकाता में दुर्गा पूजा के सामुदायिक आयोजन के दौरान शनिवार शाम भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. इस घटना में कम से कम 35 लोग घायल हो गए. रिपोर्ट लिखे जाने तक उत्तरी कोलकाता के मुक्ता राम बाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सर्बोजोनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना में किसी की मौत होने की खबर नहीं है.
घायल लोगों को नजदीकी कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. अभी भी यह आशंका बनी हुई है कि घायल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है. कोलकाता पुलिस के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे.
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कुणाल अग्रवाल ने बताया, “शनिवार शाम करीब 7:40 बजे, भारी बारिश और भारी भीड़ के बीच, सरदा पार्क (चोरबागान) पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भगदड़ मच गई. सभी घायल लोगों को बचाकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया गया है. फायर ब्रिगेड के लोग, कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, और मेडिकल टीमों को एम्बुलेंस के साथ मौके पर भेजा गया. पूजा पंडाल अभी विज़िटर्स के लिए बंद है. अब तक मिली जानकारी के आधार पर, लगभग 35 लोगों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया है.”
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे ही बारिश शुरू हुई, चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर प्रतीक्षा कर रही भीड़ आगे की ओर भागी, जिससे कुछ लोग सड़क पर गिर गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. मीडिया रिपोर्टस में यह जानकारी भी आ रही है कि पूजा पंडाल के निकास द्वार के ढांचे का एक हिस्सा ढह जाने के बाद वहां आए दर्शनार्थियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. एक खबर के मुताबिक, घनी भीड़ में से कई लोग अचानक चिल्लाए कि पंडाल में आग लग गई है, जिससे शायद भगदड़ मच गई. हालांकि, यह साफ नहीं है कि भगदड़ का कारण क्या था.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे. वहां भर्ती लोगों की स्थिति की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे घायलों के लिए सबसे बेहतर इलाज सुनिश्चित करें.
कोलकाता पुलिस के जवान, राज्य आपदा प्रबंधन और दमकल सेवा विभागों की टीमों के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. पूजा आयोजकों ने पंडाल परिसर में प्रवेश रोक दिया है और वहां की लाइटें बंद कर दी हैं.
पूजा आयोजक विकास दास ने मीडिया कर्मियों को बताया, “फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना कैसे हुई. अभी हमारा पूरा ध्यान बचाव कार्य पर है, और हमारा मुख्य काम घायलों को अस्पताल पहुंचाना है. पुलिस बल के साथ-साथ राज्य दमकल सेवा और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं. यह अभी साफ नहीं है कि पीड़ित भीड़ के दबाव में कुचले गए या नहीं.”
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर से बेहद स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा, “चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख और सदमा पहुंचा है. मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं, और इस कठिन समय में उनके परिवारों को शक्ति और साहस मिले.”
घटना के सिलसिले में लालबाजार में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. टोल-फ्री नंबर 1800 345 5678 है, और लैंडलाइन नंबर 033 2214 1310 है. इमरजेंसी में इन नंबरों पर सीधे संपर्क किया जा सकता है.



