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ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत 16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, कोल्हान, सारंडा और लातेहार में सक्रीय नक्सली कमांडर और दस्ता सदस्य शामिल

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे तथा वे कई निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोटों और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं।

रांची/चाईबासा. झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। ‘ऑपरेशन नवजीवन-II’ के तहत भाकपा (माओवादी) संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल के मारक दस्ते के 16 शीर्ष कमांडरों और कैडरों (11 पुरुष एवं 5 महिला) ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियारों के साथ झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के समक्ष आज आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों में कई राज्य-स्तरीय बड़े ईनामी और कोल्हान तथा सारंडा क्षेत्र के चप्पे-चप्पे से वाकिफ खतरनाक कमांडर शामिल हैं। इसके अलावा, इसी दस्ते पर कसते शिकंजे के कारण इसके 08 अन्य सदस्यों (3 पुरुष, 5 महिला) ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है।

आत्मसमर्पण का मुख्य विवरण

कुल आत्मसमर्पित माओवादी: 16 (11 पुरुष, 05 महिला)
क्षेत्रीय फैलाव: इनमें से 15 सदस्य झारखंड (चाईबासा, लातेहार, लोहरदगा, गिरिडीह, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला) तथा 1 सदस्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का निवासी है।

आत्मसमर्पित शीर्ष पद:

  • RCM (रीजनल कमेटी सदस्य): 01
  • ZCM (जोनल कमेटी सदस्य): 03
  • SZCM (सब-जोनल कमेटी सदस्य): 03
  • ACM (एरिया कमेटी सदस्य): 06
  • कैडर / दस्ता सदस्य: 03

समर्पित आधुनिक हथियार एवं गोला-बारूद

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान कई घातक स्वचालित हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस सौंपे

समर्पित सामग्री – इंसास रायफल (06), AK-47 (02), HK-33 (01), US कारबाइन (01), M-16 रायफल (01) कुल मैगजीन 38 LMG मैगजीन (03), इंसास मैगजीन (28), AK-47 मैगजीन (04), US कारबाइन मैगजीन (02), M-16 मैगजीन (01) कुल कारतूस 1562 राउंड इंसास (786), M-16 (244), AK-47 (229), HK-33 (208), US कारबाइन (95)

मुख्य आत्मसमर्पित नक्सली और उनका आपराधिक इतिहास

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे तथा वे कई निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोटों और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली

नक्सल विरोधी अभियानों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के कुल 16 सक्रिय कैडरों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इस सामूहिक आत्मसमर्पण में संगठन के शीर्ष कैडर शामिल हैं, जिनमें 1 रीजनल कमेटी सदस्य (RCM), 3 जोनल कमेटी सदस्य (ZCM), 3 सब-जोनल कमेटी सदस्य (SZCM), 6 एरिया कमेटी सदस्य (ACM) तथा 3 साधारण कैडर/दस्ता सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। कुल 11 समर्पित हथियारों में 6 इंसास रायफल, 2 एके-47 (AK-47) रायफल, 1 एचके-33 (HK-33) रायफल, 1 यूएस कार्बाइन तथा 1 एम-16 (M-16) रायफल शामिल हैं। इसके अलावा 38 मैगजीन (3 एलएमजी, 28 इंसास, 4 एके-47, 2 यूएस कार्बाइन और 1 एम-16 मैगजीन) तथा 1562 राउंड कारतूस (786 इंसास, 229 एके-47, 208 एचके-33, 95 यूएस कार्बाइन एवं 244 एम-16) भी जमा कराए गए हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले मुख्य माओवादी नेताओं में गिरिडीह जिले के पीरटांड (गम्हर) निवासी संतोष उर्फ बासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो शामिल है, जो संगठन में रीजनल कमेटी सदस्य के पद पर कार्यरत था। उस पर सरकार द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था और राज्य के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 128 आपराधिक मामले दर्ज हैं। समर्पण के समय उसने 1 इंसास रायफल, 5 मैगजीन और 136 राउंड कारतूस जमा किए। इसी प्रकार, हजारीबाग के विष्णुगढ़ (तिलैया) निवासी जोनल कमेटी सदस्य संतोष मांझी उर्फ जगबंधु (32 कांड दर्ज) ने 1 इंसास रायफल, 5 मैगजीन व 125 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। खूंटी के अड़की (बारीगढ़ा) निवासी 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा (78 कांड दर्ज) ने 1 एके-47 रायफल, 2 मैगजीन व 129 कारतूस समर्पित किए। वहीं ओडिशा के सुंदरगढ़ (कोइड़ा/झीरपानी) निवासी जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली (38 कांड दर्ज) ने 1 एके-47 रायफल, 2 मैगजीन और 100 राउंड कारतूस के साथ पुलिस के समक्ष हथियार डाले।

अन्य शीर्ष कैडरों में पश्चिम सिंहभूम के छोटानागरा (हतनाबुरू) निवासी सब-जोनल कमेटी सदस्य राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा (6 कांड दर्ज) ने एक घातक एचके-33 रायफल, 3 एलएमजी मैगजीन और 208 राउंड कारतूस के साथ समर्पण किया। लोहरदगा के पेशरार (चैनपुर) निवासी 5 लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमेटी सदस्य अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल (22 कांड दर्ज) ने 1 इंसास रायफल, 4 मैगजीन और 150 राउंड कारतूस तथा लातेहार के गारू (कबरी कोटाम) निवासी 5 लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमेटी सदस्य सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला (12 कांड दर्ज) ने 1 इंसास रायफल, 5 मैगजीन व 125 कारतूस जमा कराए। इसके अलावा, पश्चिम सिंहभूम के छोटानागरा निवासी एरिया कमेटी सदस्य सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम उर्फ सोना (33 कांड दर्ज, 2 लाख का इनाम), गिरिडीह के मधुबन निवासी एरिया कमेटी सदस्य एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा (9 कांड दर्ज, 1 इंसास, 5 मैगजीन, 125 कारतूस) और निमियाघाट निवासी एरिया कमेटी सदस्य देवान मुर्मू उर्फ शनिचर (6 कांड दर्ज, 1 इंसास, 4 मैगजीन, 125 कारतूस) ने भी आत्मसमर्पण किया है।

महिला एवं अन्य कैडरों की सूची में शामिल पश्चिम सिंहभूम के गोईलकेरा निवासी एरिया कमेटी सदस्य सुमित्रा सुरीन (15 कांड दर्ज) ने 1 यूएस कार्बाइन, 2 मैगजीन और 95 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। बोकारो के नवादीह की रहने वाली कैडर चंपा मंझियाईन उर्फ गुड़िया (5 कांड दर्ज), सोनुआ के माईलपी निवासी एरिया कमेटी सदस्य रिसिव (18 कांड दर्ज, 2 लाख का इनाम) तथा रांची के बुंडू निवासी महिला एरिया कमेटी सदस्य सालमी मुंडा उर्फ पारूल (6 कांड दर्ज) ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। सालमी मुंडा ने समर्पण के दौरान 1 एम-16 रायफल, 1 मैगजीन और 244 राउंड कारतूस जमा कराए। पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ की मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन (14 कांड दर्ज) तथा सरायकेला-खरसावां के कुचाई की रहने वाली सीता मुंडा (3 कांड दर्ज) ने भी कानून के सामने घुटने टेक दिए।

झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में सक्रिय रहे माओवादियों ने भी बड़े पैमाने पर आपराधिक इतिहास के साथ समर्पण किया है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर (गंगलुर) निवासी जोनल कमेटी सदस्य अश्विन उर्फ लच्छू कोरसाम के खिलाफ 104 गंभीर मामले दर्ज हैं। बीजापुर के ही सब-जोनल कमेटी सदस्य सोहन पुनेम उर्फ रंगा पर 14 मामले, नारायणपुर (ओर्चा) निवासी सब-जोनल कमेटी सदस्य राहत मांडवी पर 20 मामले, सुकमा निवासी एरिया कमेटी सदस्य रीता उर्फ सावित्री उर्फ मंगली कुंजम पर 25 मामले, सुकमा (कोंटा) की एरिया कमेटी सदस्य अनुषा कुंजम उर्फ बुदरी कुंजम पर 7 मामले तथा बीजापुर की एरिया कमेटी सदस्य रजनी मदकम उर्फ पगनी पर 2 मामले दर्ज हैं। इनके साथ ही झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की रहने वाली दस्ता सदस्य सुबनी मुंडा उर्फ लोलो सूरजमुनी चंपिया (अश्विन कोरसाम की पत्नी, 9 कांड दर्ज) और दस्ता सदस्य जिलानी उर्फ सालमी चंपिया (20 कांड दर्ज) ने भी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

 

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