14वीं जेपीएससी परीक्षा पर सियासी संग्राम, भाजयुमो ने जेपीएससी कार्यालय का किया घेराव, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग, मुख्य परीक्षा भी अगले आदेश तक स्थगित
14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आज प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने झारखण्ड लोक सेवा आयोग का घेराव किया।

रांची. 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आज प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने झारखण्ड लोक सेवा आयोग का घेराव किया। बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और 14वीं जेपीएससी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। भाजपा नेताओ ने जेपीएससी पर छात्रों का भविष्य बर्बाद करने और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
सरकार ईमानदार, तो किसी भी जांच से डरना क्या? – आदित्य साहू
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पिछले छह वर्षों से झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है। इस दौरान हुई लगभग हर बड़ी भर्ती परीक्षा पर सवाल उठे हैं। JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती, शिक्षक नियुक्ति समेत कई परीक्षाओं में अनियमितता और प्रश्नपत्र लीक के आरोप लगे, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं ने कड़ी मेहनत कर परीक्षाएँ दीं, लेकिन बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने सवाल किया कि जब हर बार प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें आती हैं, तो इसके पीछे कौन लोग हैं और कांग्रेस इस पर जवाब क्यों नहीं देती?

आदित्य साहू ने कहा कि सत्ता में बैठी कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता के सवालों का जवाब देने की बजाय धरना-प्रदर्शन का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी युवाओं को न्याय देना और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय भ्रष्टाचार और दलालों को बढ़ावा दिया गया है। इससे मेहनत करने वाले युवाओं का हक मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ईमानदार है तो उसे किसी भी जांच से डरने की जरूरत नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांग किया कि 14वीं JPSC परीक्षा सहित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि CBI जांच से सच्चाई सामने आएगी और यह पता चलेगा कि प्रश्नपत्र लीक और भर्ती घोटालों के पीछे कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार CBI जांच कराने से क्यों बच रही है?

जेएसएससी और जेपीएससी बनी भ्रष्टाचार का अड्डा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में झारखंड की कांग्रेस-समर्थित हेमंत सोरेन सरकार ने JPSC और JSSC जैसी भर्ती परीक्षाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। पेपर लीक, भर्ती में अनियमितता और घोटालों ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है। आज का घेराव केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के आक्रोश की आवाज है। जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC मामले में चल रही CID जांच केवल दिखावा है। जैसे शराब घोटाले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हुई, उसी तरह JPSC मामले में भी असली दोषियों को बचाने का खेल चल रहा है।
एजेंसियां राज्य सरकार के अधीन, तो जांच निष्पक्ष कैसे – शशांक राज
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि झारखंड की वर्तमान सरकार ने जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं से आवेदन शुल्क वसूलकर उनकी मेहनत की कमाई लूटने और रोजगार को व्यापार बनाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लाखों युवाओं के सपनों का सौदा किया गया है और झारखंडी युवाओं के हक पर डाका डालकर नौकरी बेचने का खेल खेला गया है।
शशांक राज ने कहा कि भाजयुमो के लगातार आंदोलन के दबाव में जेपीएससी चेयरमैन से आनन-फानन में इस्तीफा लिया गया, जो स्वयं इस पूरे प्रकरण को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। यदि सब कुछ पारदर्शी था तो चेयरमैन को हटाने की नौबत क्यों आई? यह पूरे भर्ती घोटाले की गंभीरता को दर्शाता है।
शशांक राज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी जांच और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच एजेंसियां राज्य सरकार के अधीन हैं तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई केवल जनता का ध्यान भटकाने का राजनीतिक स्टंट है। भाजयुमो की स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
बैरिकेडिंग तोड़कर #JPSC के मेंन गेट तक पहुंच गए भाजपाई, गेट पर लगाया पोस्टर, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की पीटी रद्द करने की मांग #civilservice #jpscexam #JPSC #BJP pic.twitter.com/tuQQOvkwJz
— Ranchi LIVE (@ranchilivenews) July 22, 2026
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरटीआई के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। वहीं, जेपीएससी वर्षों से नियमित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं कर रहा है, जबकि दूसरी ओर आयु सीमा घटने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परिणाम रद्द कर निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक भारतीय जनता युवा मोर्चा का आंदोलन और भी व्यापक एवं उग्र रूप में जारी रहेगा।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी विनय जायसवाल ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह युवा विरोधी सरकार है। झारखंड के मूलवासी युवाओं के भविष्य की इसे कोई चिंता नहीं है। युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके अधिकारों से खिलवाड़ किया जा रहा है।
भाजयुमो रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज को लाठी, डंडे और पुलिस बल के सहारे दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन भारतीय जनता युवा मोर्चा डरने या झुकने वाला नहीं है। युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुंचाया जाएगा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

जेपीएससी ने स्थगित की मुख्य परीक्षा
जेपीएससी ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। मुख्य परीक्षा दिनांक 25 जुलाई, 26 जुलाई और 27 जुलाई को रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होने वाली थी।



