हिमांशु हत्याकांड पर थम नहीं रही राजनीति, बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कार्रवाई को बताया खानापूर्ति, कहा – दोषी पुलिसकर्मियो पर दर्ज करे प्राथमिकी
राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई के बावजूद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर हत्याकांड के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा एसपी/एसएसपी को सस्पेंड किए जाने को सिर्फ खानापूर्ति करार दिया है।

रांची. जमशेदपुर के हिमांशु हत्याकांड पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई के बावजूद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर हत्याकांड के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा एसपी/एसएसपी को सस्पेंड किए जाने को सिर्फ खानापूर्ति करार दिया है। मरांडी ने कहा कि एसपी को हटाना कोई सजा नहीं है। पुलिस के सामने किसी की हत्या होती है तो इसके लिए पूरी तरह पुलिस जिम्मेवार है। अभी तक पुलिसकर्मियों पर कोई प्राथमिकी नहीं किया गया है और न ही ऐसी कोई मंशा दिख रही है। यदि मुख्यमंत्री वास्तव में हत्याकांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए गंभीर हैं तो उन पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराएं, जिनकी मौजूदगी में हत्या हुई है।
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उल्टा उन लोगों पर एफआईआर किया गया है जिनके होटल से वे लोग खाना खाकर निकले थे। अगर किसी के घर से कोई खाना खाकर निकलता है और सड़क पर पुलिस की मौजूदगी में किसी की हत्या हो जाती है तो उसमें उस घर वाले/होटल मालिक का क्या दोष?
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। कहीं कानून नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की इस बिगड़ी स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक ASI अजय सिंह के सामने डीजीपी तक नतमस्तक हैं। पुलिस अधिकारियों के तबादले से लेकर अवैध वसूली तक के कार्य उनके इशारे पर ही हो रहे हैं। जब तक यह परंपरा चलती रहेगी, शासन-प्रशासन ऐसे काम करेगा तब तक प्रदेश की कानून व्यवस्था भला कैसे सुदृढ़ हो सकती है।



