संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, भागने की कोशिश में मुख्य अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल, अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की जांच करेगी एटीएस
प्रारंभिक जांच और आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस को अंदेशा है कि इस घटना के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं ।

रांची. राजधानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले को पुलिस ने तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें से एक आरोपी पुलिस हिरासत से भागने के दौरान मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गया है। यह मामला रांची के चुटिया निवारणपुर स्थित आरएसएस के झारखंड प्रदेश कार्यालय का है। बीते 16 जून 2026 की रात अज्ञात अपराधियों द्वारा कार्यालय परिसर में पेट्रोल बम फेंकने की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए चुटिया थाना में मामला दर्ज कर जांच कर कार्रवाई की गयी है। इस मामले में जिन तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है, उनमे सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ़ गोलू और सायम सुजान शामिल है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी रांची ने नगर पुलिस अधीक्षक और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी शाखा के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्तों की पहचान की।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दूसरे राज्य भागने की फिराक में थे । इसी क्रम में बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को गझण्डी रेलवे स्टेशन (कोडरमा) के पास से दबोचा गया। पूछताछ में इन दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया और अपने तीसरे साथी सायम सुजान (21 वर्ष) की संलिप्तता की बात कबूल की, जिसे बाद में रांची से ही गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना के वक्त पहने गए कपड़े लोअरबाजार थाना क्षेत्र के एक नाले के पास से बरामद कर जप्त कर लिया हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक सेंट्रो कार (रैपिडो कैब) और 4 स्मार्टफोन भी जप्त किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से जुड़े होने की आशंका, ATS को सौंपी गई जांच
प्रारंभिक जांच और आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पुलिस को अंदेशा है कि इस घटना के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं । इन अपराधियों के किसी अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रांची ने इस केस में आगे का अनुसंधान आतंकवाद निरोधी दस्ता झारखंड को सौंप दिया गया है।
हिरासत से भागा आरोपी, पुलिस फायरिंग में हुआ जख्मी
आज इस पूरे मामले में उस वक्त एक नाटकीय मोड़ आया, जब सुबह करीब 11:30 बजे मुख्य अभियुक्त सैफ अली (सैफ अंसारी) ने कोतवाली थाना परिसर में शौच जाने की बात कही। वहां तैनात पहरेदारो को चकमा देकर वह शौचालय के वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर भाग निकला। आरोपी के भागते ही पूरे जिले के थानों और ओपी प्रभारियों को तुरंत सचेत किया गया। भागने के क्रम में मांडर थाना पुलिस ने चामा मोड़ के पास वाहन चेकिंग के दौरान सैफ को दोबारा धर दबोचा। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, जब पुलिसकर्मी उसे निकटवर्ती थाने ले जा रहे थे, तब सैफ ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर दोबारा भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें सैफ अली के पैर में गोली लगी। फिलहाल वह घायल है और पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।



