जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले में ईडी ने शुरू की जांच, अभय तिवारी की जमानत याचिका खारिज, फरार आरोपी रविशंकर ने सीआईडी कोर्ट में किया सरेंडर
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले में आज ईडी की एंट्री हो गयी। जेपीएससी परीक्षा से संबंधित ईसीआईआर दर्ज करने के बाद ईडी ने सीजीएल पेपर लीक से जुड़े दोनों मामलों में भी जांच शुरू कर दी है।

रांची. जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले में आज ईडी की एंट्री हो गयी। जेपीएससी परीक्षा से संबंधित ईसीआईआर दर्ज करने के बाद ईडी ने सीजीएल पेपर लीक से जुड़े दोनों मामलों में भी जांच शुरू कर दी है। ईडी ने नामकुम थाना में वर्ष 2024 में दर्ज केस संख्या 45/24 के आधार पर पहले ही ईसीआईआर दर्ज की थी। सीआईडी के केस संख्या 1/25 की जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े अहम साक्ष्य सामने आने के बाद एजेंसी ने इस मामले को भी मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से जांच शुरू कर दी है। ईडी अब सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्यों और संदिग्ध आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जानकारी जुटाएगी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित पेपर लीक के पीछे किसी प्रकार के अवैध आर्थिक लेन-देन या धन के इस्तेमाल का संबंध है या नहीं। इसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपी ने किया सरेंडर
जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे आरोपी रवि शंकर ने रांची सिविल कोर्ट की विशेष सीआईडी अदालत में सरेंडर कर दिया है। उसके खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद CID उसकी तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि CID की लगातार कार्रवाई और गिरफ्तारी के बढ़ते दबाव के बीच रवि शंकर ने कोर्ट पहुंचकर सरेंडर किया।
अभय तिवारी को नहीं मिली जमानत, सीआईडी ने बताया मास्टरमाइंड
झारखण्ड में भर्ती परीक्षाओ में कथित धांधली के मामले में जेल में बंद आरोपी अभय तिवारी की जमानत याचिका अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने आज खारिज कर दी है। आज सुनवाई के दौरान सीआईडी ने अभय तिवारी की जमानत का कड़ा विरोध किया। सीआईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि अभय तिवारी इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। सीआईडी ने अदालत को बताया की अगर अभय तिवारी को जमानत दी गयी, तो अनुसंधान के प्रभावित होने की आशंका है।



