HeadlinesJharkhandRanchi

रांची छात्र आंदोलन: 10 सदस्यों का छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार से संवाद को तैयार, समय मिलने का इंतजार, सीएम हेमंत सोरेन बोले – मजबूत और बड़े सुधार की ओर बढ़ रही है सरकार

14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और संदिग्ध ठेका कंपनी द्वारा कराई गयी सभी प्रतियोगी परीक्षाओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ जेपीएससी और जेएसएससी की कार्य प्रणालियों में व्यापक और कठोर बदलाव की मांग को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन आज भी जारी है।

रांची. 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और संदिग्ध ठेका कंपनी द्वारा कराई गयी सभी प्रतियोगी परीक्षाओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ जेपीएससी और जेएसएससी की कार्य प्रणालियों में व्यापक और कठोर बदलाव की मांग को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन आज भी जारी है। सुबह से छात्र सरकार से वार्ता का इंतजार करते रहे, मगर अबतक उन्हें समय और स्थान नहीं बताया गया है।


छात्रों के दस सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल में अब कोई पत्रकार, राजनैतिक दल का प्रतिनिधि और वकील नहीं होगा। छात्रों ने आज वार्ता के लिए जो अंतिम सूची तैयार की है, उनमे रवीन्द्र पासवान पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार , अंकित कुमार शामिल है। दोपहर तीन बजे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से रांची के एसडीओ और एडीएम लॉ एंड आर्डर ने मुलाकात की, जिसमे छात्रों ने अपनी अंतिम सूची पदाधिकारियों को सौंप दी है। आंदोलन पर मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है। छात्रों का धरना जब शुरू नहीं हुआ था, उससे पहले से सीआईडी की जांच जारी है। छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

मजबूत और बड़े सुधार की ओर बढ़ रही है सरकार – मुख्यमंत्री

छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज संकेत दिया कि राज्य सरकार बड़े और मजबूत सुधारो की ओर कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जो छात्रों की इच्छा है, उस इच्छा को सरकार जयपाल सिंह स्टेडियम से बाहर तक ले जाने की इच्छा रखती है। सभी छात्र छात्राएं इस संबंध में अपनी राय सरकार को दे सकते है।


अविलंब 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाए और पुनः परीक्षा कराई जाए – नेहा बोरा

रांची में छात्र आंदोलन के समर्थन में विधानसभा मार्च का हिस्सा बनने पहुंची आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि झारखंड में हर जेपीएससी की परीक्षा में झारखण्ड के नौजवानो को सिर्फ निराशा दी है। अविलंब 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा और सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाए और पुनः परीक्षा कराई जाए। हर परीक्षा जो इस देश में कराई जायेगी, उसे अनिवार्य रूप से जवाबदेही तय होगी। परीक्षा में धांधली का ठीकरा केवल एजेंसी को नहीं दिया जा सकता। शिक्षा व्यवस्था से प्राइवेट एजेंसी को हटाना होगा, परीक्षाओ के संचालन का जिम्मा सरकारी एजेंसी को हो। दस अगस्त के विधानसभा मार्च को आइसा समर्थन करेगी।

हम नहीं चाहते कि सारा श्रेय सिर्फ़ सीजेपी को मिले, हम चाहते हैं कि छात्र खुद आगे आएं – अभिजीत दीपके

छात्रों के आंदोलन का सीजेपी ने समर्थन करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि हम उन्हें पूरा समर्थन देते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने वहां का दौरा किया है और हमारे लोग वहां खाना बांट रहे हैं। हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और उनकी सभी मांगों का समर्थन करते हैं। मैं भी वहां जाने का इरादा रखता हूं। हालांकि, अभी मुझे सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियां हैं। कई छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए आगे आ रहे हैं। मेरा मानना ​​है कि वे अपने आप में नेता हैं और उन्हें पहचान मिलनी चाहिए। यह ज़रूरी नहीं है कि हर जगह अभिजीत ही सबसे आगे रहे। वे भी काम कर रहे हैं और उन्हें भी बराबर पहचान मिलनी चाहिए। हम नहीं चाहते कि सारा श्रेय सिर्फ़ सीजेपी को मिले। हम चाहते हैं कि छात्र खुद आगे आएं और विरोध प्रदर्शन करें। हम चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों और देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए लड़ें।

विपक्ष को युवाओ के मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है – मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की

छात्र आंदोलन पर बोलते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विपक्ष को युवाओ के मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इन लोगो का चाल, चलन, चरित्र सब अपनी स्वार्थ के अनुसार होता है। युवाओ की पीड़ा, बेरोजगारी और शिक्षा से भाजपा को कोई वास्ता नहीं है। अपनी सरकार में अपनी ही संस्थाओ के ऊपर जांच बैठाया गया है, हिम्मत है तो भाजपा अपने राज्यों में ऐसा करके दिखाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

j Back to top button