
रांची: झारखंड सरकार ने जेएसएससी सीजीएल समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं पर रोक लगाने के अपने फैसले का बचाव करते हुए आज कोर्ट में शपथ पत्र दायर किया। सरकार ने कोर्ट में दायर शपथ पत्र में माना कि भर्ती की पूरी प्रक्रिया ही दूषित हो चुकी है, इसीलिए निष्पक्ष तरीके से सफल और गड़बड़ी के जरिए सफल अभ्यर्थियों को अलग करना मुश्किल है। सरकार ने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया। जानिये शपथ पत्र में JSSC CGLपरीक्षा रद्द करने के समर्थन में सरकार द्वारा दिए गए मजबूत तर्क:
1. पूरी परीक्षा प्रक्रिया दूषित होने का दावा- सरकार ने कहा कि CGL परीक्षा की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो चुकी थी, इसलिए निष्पक्ष तरीके से सफल और गड़बड़ी के जरिए सफल अभ्यर्थियों को अलग करना मुश्किल है।
2. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला- सरकार ने कहा कि ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के तय सिद्धांतों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द की जा सकती है।
3. वानशिखा बनाम केंद्र सरकार मामले का उल्लेख- शपथ पत्र में सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में दिए गए उस सिद्धांत का हवाला दिया गया है, जिसमें परीक्षा की पूरी प्रक्रिया दूषित होने पर परीक्षा रद्द करने की बात कही गई है।
4. CID जांच के निष्कर्षों का आधार- सरकार ने कहा कि CID जांच में सामने आए तथ्यों से परीक्षा प्रक्रिया के बड़े स्तर पर प्रभावित होने की जानकारी मिली है।
5. ICN टेक्नोलॉजी की भूमिका पर सवाल- परीक्षा के गोपनीय काम, जैसे प्रश्नपत्रों की छपाई और केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ICN टेक्नोलॉजी को दी गई थी। सरकार ने एजेंसी की भूमिका में गंभीर अनियमितताओं की बात कही है।
6. 28 लोगों की गिरफ्तारी और 265 को नोटिस- सरकार के अनुसार मामले में ICN टेक्नोलॉजी के CEO सोमांश प्रकाश समेत 28 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि जांच के दौरान 265 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
7. पैसे लेकर सवालों के जवाब रटाने का आरोप- शपथ पत्र में कहा गया कि पैसे लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवालों के जवाब रटाए गए थे।
8. कई राज्यों और शहरों में गड़बड़ी का उल्लेख- जांच में नेपाल के अलावा आसनसोल, कोलकाता, बिहार, झरिया और बोकारो के अलग-अलग केंद्रों पर अभ्यर्थियों को जवाब रटाए जाने की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
9. पैसों के लेन-देन के सबूत और नेपाल के 10 सफल अभ्यर्थी- सरकार ने कहा कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों और एजेंसी से जुड़े लोगों के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं। नेपाल में जवाब रटाए गए 28 अभ्यर्थियों में से 10 के CGL में सफल होने का भी उल्लेख किया गया है।
10. नियुक्ति पत्र में CID जांच का उल्लेख – सफल अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि उनकी नियुक्ति CID जांच के परिणाम से प्रभावित होगी। बाद में जांच के आधार पर पूरी प्रक्रिया दूषित पाए जाने के बाद कैबिनेट ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।



