HeadlinesJharkhandRanchi

दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने जारी किया दिशा निर्देश, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक, श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

पूजा समितियों को थाना प्रभारियों को देनी होगी वालंटियर्स की सूची, विसर्जन जुलुस के दौरान 13 फ़ीट से ऊंची नहीं होनी चाहिए सामग्री

रांची. आगामी शारदीय दुर्गा पूजा को लेकर रांची जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में पूजा आयोजन समितियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, शांति व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने पूजा समितियों से अपील की है कि वे सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें और प्रशासन एवं पुलिस को सहयोग दे।

जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पूजा पंडाल एवं गेट का निर्माण किसी मकान तथा स्थान / गैस गोदाम / ट्रांसफॉर्मर / विद्युत तार / रेलवे लाइन / हाई टेंशन तार आदि से सुरक्षित दूरी पर ही किया जाये। पण्डाल बनाने में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग न किया जाये। पण्डाल में महिला एवं पुरुष दर्शनार्थियों के प्रवेश/निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाये जायें, द्वार की चौड़ाई पर्याप्त रखी जाये तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाये। पण्डाल के पीछे भी सफाई एवं रास्ते की व्यवस्था की जाये। आकस्मिक स्थिति में निकास के लिए अलग व्यवस्था की जाये।

भवन निर्माण, अग्निशमन एवं विद्युत् विभाग के निर्देशों का पालन करे

अस्थायी पण्डाल निर्माण के रूप में भवन निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों/सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए पण्डाल निर्माण के सुदृढ़ता के संबंध में प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाये। पण्डाल की वायरिंग सुरक्षित तरीके से की जाये तथा अर्थिंग की समुचित व्यवस्था की जाये। सभी विद्युत उपकरण एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चरों का अर्थिंग किया जाये। पूजा पण्डालों में विद्युत नियंत्रण कक्ष/पैनल ऐसे जगह बनाया जाये, जहाँ विद्युतकर्मी आसानी से जा सकते हों। कक्ष के बाहर विद्युत नियंत्रण कक्ष का बोर्ड प्रदर्शित किया जाये। पण्डालों के समीप विद्युत तारों के रोड क्रॉसिंग की स्थिति में तारों को GI/केबल के साथ पर्याप्त ऊँचाई से ले जाने की व्यवस्था की जाय। पूजा पण्डाल के लिए पर्याप्त क्षमता के जेनरेटर की व्यवस्था की जाये एवं जेनरेटर को पण्डाल से सुरक्षित दूरी पर रखा जाये। झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से विद्युत भार स्वीकृत कराते हुए विद्युत कनेक्शन प्राप्त कर ही पूजा पण्डालों में विद्युतीकरण एवं विद्युत सजावट का कार्य किया जाये।

पण्डाल में किये गये अस्थायी विद्युत वायरिंग के संबंध में विद्युत विभाग के संबंधित क्षेत्र के अभियंता द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए उनसे विद्युत सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाये। पण्डाल के निकट अथवा पण्डाल में ज्वलनशील पदार्थों को एकत्रित नहीं किया जाये। पण्डाल के अंदर अथवा निकट अग्निशमन यंत्र, पानी एवं सूखे बालू से भरी बाल्टी, रबर हैंड ग्लव्स आदि की व्यवस्था रखी जाये। अग्नि सुरक्षा के संबंध में संबंधित क्षेत्र के अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा दिये गए दिशा-निर्देशों/सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त की जाय। पंडालों के पास ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाये।

झारखण्ड हाईकोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखे समितियां

झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 अन्तर्गत आदेश के आलोक में साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक प्रतिबंधित है तथा दिनांक 16 जुलाई 2024 को जारी आदेश के आलोक में तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग वर्जित रहेगा। पण्डालों के अन्दर एवं बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV Camera की व्यवस्था की जाये एवं उसके अवलोकन/मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की जाये। पण्डाल के बाहर पण्डाल के पदाधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों तथा आपातकालीन सेवा के लिए मोबाइल नंबर को दर्शाया जाये।

पूजा समिति द्वारा स्वयं से स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाय तथा उनको परिचय पत्र भी निर्गत किया जाये। स्वयंसेवकों की सूची अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी को दी जाये। फूड स्टॉल एवं मेला का आयोजन दुर्गा पूजा पण्डालों से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही संचालित किया जाये। सफाई की व्यवस्था करेंगे तथा राँची नगर निगम के कर्मियों को सफाई में सहयोग करेंगे। पूजा पण्डाल पहुँचने के मार्ग पर सड़कों के किनारे दुकानदारों के द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने दिया जाये।

श्र्धलुओ से दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई, अफवाहों से बचे

किसी भी परिस्थिति में समिति के सदस्यों द्वारा किसी भी श्रद्धालु के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाये। भीड़-भाड़ में प्रायः छिनतई/पॉकेटमारी की घटनायें होती हैं। छिनतई/पॉकेटमारी करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को उपस्थित पुलिस कर्मियों के सुपुर्द किया जाये। व्हाट्सएप ग्रुप एवं सोशल मीडिया पर किसी संदिग्ध एवं आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं किया जाय और न ही ऐसे अफवाहों को प्रोत्साहित किया जाय। संवेदनशील एवं आपत्तिजनक पोस्ट की सूचना तत्काल निकटतम प्रशासनिक पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी/थाना प्रभारी को दिया जाये।

विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय एवं मार्ग के अनुसार किया जाये। विसर्जन हेतु प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल/घाट का ही उपयोग किया जाये।झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 3 अप्रैल, 2025 को एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16 अप्रैल, 2025 को पारित आदेश के आलोक में विभिन्न त्योहारों/शोभायात्रा के दौरान निर्बाध रूप से सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, विद्युत आपूर्ति अंचल, राँची द्वारा दिनांक 30 मई, 2025 को निर्गत SOP का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।

झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, विद्युत आपूर्ति अंचल, राँची द्वारा निर्गत SOP में दिये गये निर्देशानुसार बसों एवं अन्य बड़ी वाहनों के छत पर कोई व्यक्ति न बैठे एवं उस पर किसी तरह की कोई ऊँची सामग्री/झंडा आदि न लगाया हो, कि कुल ऊँचाई 4 मीटर (13 फीट) से ज्यादा न हो।

उपरोक्त के अतिरिक्त भी पूजा पण्डाल के संचालक प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिये जाने वाले निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। समिति के सदस्यों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल के साथ सहयोग करते हुए विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाये रखा जाये।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

j Back to top button