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नवजीवन अभियान का असर: कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय शीर्ष 25 नक्सलियों और गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कमांडर-सदस्य का एक साथ आत्मसमर्पण, सभी मुख्यधारा में लौटे

झारखण्ड पुलिस का अन्य माओवादियों से भी अपील है की है कि हिंसा और भय का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की 'आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।

रांची. झारखण्ड पुलिस को आज बड़ी सफलता मिली। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची के निर्देशन में झारखण्ड पुलिस, कोबरा और झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई के तहत राज्य में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की पहल का आज बड़ा असर देखने को मिला। अबतक भा०क०पा० (माओ०) सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके है। भा०क०पा० (माओ०) संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है।

इसी क्रम में आज वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के बाद कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमे से कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गये। चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नये एडवांस कैंप लोकेशन (ACL) और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया।

इस कड़ी में भा०क०पा० (माओ०) संगठन के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नवजीवन अभियान’ से प्रभावित होकर आज भा०क०पा० (माओ०) नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले कुल 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनसे कुल 16 हथियार एवं 2857 गोलियों बरामद हुई है। इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कुल-2 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों भी बरामद की गयी है।

झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आये, जिसके फलस्वरूप तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल के भी नक्सलियों ने आज आत्मसमपर्ण किया। उल्लेखनीय है कि भा०क०पा० (माओ०) के सभी सदस्य पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और भा०क०पा० (माओ०) के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके आत्मसमर्पण से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा। इन सभी का आत्मसमर्पण स्थानीय भा०क०पा० (माओ०) दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है।

झारखण्ड पुलिस का अन्य माओवादियों से भी अपील है की है कि हिंसा और भय का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं।

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