जिला नारकोटिक्स नियंत्रण समन्वय की बैठक संपन्न, उपायुक्त ने थाना क्षेत्रों में ड्रग हॉटस्पॉट्स की पहचान कर विशेष निगरानी करने और गैर कानूनी रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई का दिया निर्देश
अफीम की खेती के रोकथाम के लिए जिले के सभी पंचायत के मुखिया, प्रधान, और समाज सेवी के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाए ताकि इसपर रोकथाम किया जा सकें - उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री

रांची. उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने आज जिला नारकोटिक्स नियंत्रण समन्वय की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने हेतु समन्वित रणनीति तैयार करने और सख्ती से लागू करने पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौतम गोस्वामी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, डालसा सचिव, सिविल सर्जन, उप समाहर्ता प्रभारी स्थापना, जिला शिक्षा अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने रांची के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हॉटस्पॉट्स की तत्काल पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने NDPS Act के अंतर्गत लंबित मामलों की तेज गति से जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने हेतु समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और स्कूलों, कॉलेजों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया जिससे नशे की लत से ग्रस्त युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर्स से जोड़ा जा सके। इसके अलावा मेडिकल दुकानों, फार्मेसी, रसायनिक एवं फार्मास्यूटिकल दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिया गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों और परिवहन मार्गो की होगी निगरानी
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों एवं परिवहन मार्गों पर चेक-पोस्ट मजबूत करने तथा इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। नशे के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने के लिए एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवा क्लबों को शामिल किया जाएगा। उपायुक्त ने ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया को तेज करने तथा उनके नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के सख्त निर्देश दिया।
जिले में गैर कानूनी रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर कार्रवाई करने के निर्देश
उपायुक्त ने सम्बंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में गैर कानूनी रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करें। साथ ही अफीम की खेती के रोकथाम के लिए जिले के सभी पंचायत के मुखिया, प्रधान, और समाज सेवी के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाए ताकि इसपर रोकथाम किया जा सकें। नशा मुक्ति के लिए पंचयात स्तर, JSLPS के सहयोग से इस अभियान को चलाए।
उपायुक्त ने अफीम की खेती करने वालों की पहचान करने साथ उनकी पुरानी हिस्ट्री के अनुसार उनपर नजर रखने को कहा ताकि वे अफीम की खेती से दुबारा न जुड़े। साथ ही रांची जिले में जो लोग ड्रग्स बेचने में जुड़े हैं, उनपर कड़ी नजर रख कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया ताकि समाज के युवा नशे के दलदल से बाहर निकल सकें।
नशीले पदार्थो की तस्करी, बिक्री या दुरूपयोग की तत्काल सूचना दे
बैठक में NCORD पोर्टल पर नियमित अपडेट, मासिक समीक्षा और इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री या दुरुपयोग की सूचना मिले तो तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष या पुलिस कंट्रोल रूम या लोकल थाना पर सूचित करें। गुमनाम सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अगर आपको ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स की बिक्री, गांजा/अफीम की खेती या किसी भी नशीले पदार्थ से जुड़ी गतिविधि की जानकारी हो तो आप बिना अपनी पहचान बताए मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र के टॉल फ्री न. – 1933 में सूचना दे सकते हैं।



