झिरी में बायोगैस प्लांट और लेगेसी वेस्ट निस्तारण कार्य का केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया निरीक्षण, समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश
झिरी में चल रहे कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए आज केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थलीय निरीक्षण किया।

रांची. झिरी में चल रहे कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के लिए आज केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने झिरी स्थित गेल इंडिया लिमिटेड के बायोगैस प्लांट और लेगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चल रहे बायोरेमेडिएशन कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने परियोजनाओं की वर्तमान गति और कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
बायोगैस प्लांट और कचरा निस्तारण तकनीक को समझा
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा। उन्होंने अधिकारियों से जैविक कचरे से गैस उत्पादन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और इस बात की सराहना की कि किस तरह यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में सहायक साबित हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने झिरी डंपिंग यार्ड का भी दौरा किया, जहाँ सालों से जमा लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) का बायोरेमेडिएशन तकनीक के जरिए वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जा रहा है। मंत्री जी ने कार्यदायी एजेंसियों और नगर निगम के अधिकारियों के साथ इसके तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।
समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश
परियोजनाओं की प्रगति की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में रांची नगर निगम की यह एक बेहतरीन और महत्वपूर्ण पहल है। ऐसी परियोजनाएँ शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ बनाने की अवधारणा को और अधिक मजबूत करती हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि दोनों ही परियोजनाओं के कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। काम में उच्च गुणवत्ता और नवीनतम तकनीकों का पूरी तरह से समावेश हो। वैज्ञानिक तरीके से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाए ताकि आम नागरिकों को इसका सीधा और अधिकतम लाभ मिल सके।



