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दशम फॉल मामले नया खुलासा, गुंडागर्दी नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना के बाद उपजे मामूली विवाद के कारण हुई घटना, 30 हजार रूपये के हर्जाने के बाद बनी आपसी सहमति, महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराने से भी किया इंकार

रांची: दशम फॉल के पास रांची-टाटा राष्ट्रिय राजमार्ग पर बुधवार सुबह हुई घटना में नया खुलासा हुआ है। जिस मामले को खुलेआम गुंडागर्दी बताकर सोशल मीडिया में शेयर किया जा रहा है, दरअसल वो पूरा मामला मामूली सड़क दुर्घटना के बाद उपजे विवाद को लेकर था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर करीब 12:39 बजे की है। डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि राँची-टाटा NH-33 रोड पर एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी द्वारा एक डिजायर गाड़ी का पीछा किया जा रहा है। डिजायर कार के चालक रणवीर (जमशेदपुर निवासी) ने पुलिस को बताया कि बुंडू सूर्य मंदिर से निकलने के दौरान उनकी गाड़ी काले रंग की स्कॉर्पियो से हल्की सट गई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच वहां मामूली वाद-विवाद हुआ था, जिसके बाद रणवीर अपनी गाड़ी लेकर आगे बढ़ गए। कार में उनके साथ सुमन प्रसाद, नीलु और प्रिति सवार थीं, जो सभी जमशेदपुर की रहने वाली हैं।

पीछा कर तोड़े गाड़ी के शीशे:

विवाद से नाराज स्कॉर्पियो सवार युवकों ने डिजायर कार का पीछा करना बंद नहीं किया। दशमफॉल थाना अंतर्गत तैमारा मोड़ के पास स्कॉर्पियो ने डिजायर को ओवरटेक कर रुकवा लिया। इसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने गुंडागर्दी करते हुए डिजायर कार के आगे का शीशा और आगे के दरवाजे का शीशा तोड़ दिया।

सूचना के 6 मिनट में पहुंची पुलिस:

डायल 112 से सूचना मिलते ही रांची पुलिस तुरंत एक्शन में आई। शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर पर संपर्क करते हुए सूचना मिलने के मात्र 6 मिनट के भीतर मोटरसाइकिल दस्ता और 10 मिनट के अंदर गश्ती दल के साथ दशमफॉल थाना प्रभारी खुद घटनास्थल पर पहुँच गए। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को सुरक्षित दशमफॉल थाना पहुँचाया। इसके साथ ही पुलिस ने घटना में शामिल स्कॉर्पियो के चालक राजकुमार महतो (उम्र 19 वर्ष, पिता- गुनोधर महतो) और जोएब रजा (उम्र 18 वर्ष, पिता- अफताब आलम खान) को थाना बुलाकर पूछताछ की। दोनों आरोपी आदर्शनगर कुम्हार टोली, थाना-बुण्डू (राँची) के रहने वाले हैं।

महिला पक्ष ने नहीं दर्ज कराई प्राथमिकी:

थाने में प्रारंभिक जाँच के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। दशमफॉल थाना प्रभारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पीड़ित महिला पक्ष से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन देने का बार-बार अनुरोध किया गया। लेकिन महिला पक्ष ने दरियादिली दिखाते हुए कानूनी कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उक्त लड़के अभी कम उम्र के हैं, जिसके विरुद्ध हम किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते क्योंकि इससे इनका भविष्य खराब हो जाएगा। महिला ने यह भी कहा कि वह एक प्रतिष्ठित आर्टिस्ट हैं और इस तरह के मामलों से उनका नाम भी खराब होगा। उन्होंने पुलिस से कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता।

आपसी सहमति से हुआ समझौता:

अंततः दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से एक लिखित समझौता पत्र पुलिस के सामने प्रस्तुत किया और मामले का निपटारा कर लिया। रांची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के समय पीड़ित पक्ष द्वारा कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया था। पुलिस ने कहा कि वे किसी भी प्रकरण में निष्पक्ष और विधि सम्मत कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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