
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में हुई एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 1 नवंबर 2026 को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। गम्हरिया थाने में सुरक्षा और मदद की उम्मीद लेकर आई एक पीड़िता के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जहां एक ओर आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वहीं कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने वाले 9 अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
घरेलू विवाद से शुरू हुआ घटनाक्रम:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6:00 बजे पीड़िता का अपने पति के साथ झगड़ा (कहा-सुनी) हुआ था। रात में मारपीट की आशंका और डर के कारण महिला अपने घर से निकलकर पड़ोस में चली गई। वहां एक महिला से मदद मांगते हुए उसने पुलिस को सूचित करने का अनुरोध किया। इसके बाद गम्हरिया पीसीआर (PCR) वाहन मौके पर पहुंचा और पीड़िता को सहायता के उद्देश्य से देर रात करीब 12:00 बजे गम्हरिया थाना लेकर आया।
थाना परिसर में दुष्कर्म की वारदात और एफआईआर:
थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता को आराम करने के लिए बगल के एक कमरे में भेज दिया। आरोप है कि जब महिला कमरे में आराम कर रही थी, उसी दौरान गम्हरिया थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर (आरक्षी-410) नीरज लकड़ा कमरे में घुसा और उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर गम्हरिया थाना कांड संख्या-86/26, धारा-64 (2) (a) / 68 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसआईटी (SIT) का गठन और दो अन्य पुलिसकर्मी गिरफ्तार:
घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी द्वारा की गई आगे की जांच के बाद मामले में संलिप्तता और लापरवाही के आधार पर गम्हरिया थाने के दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया:
- सब-इंस्पेक्टर (पु०अ०नि०) मनोज कुमार साहू (उम्र 54 वर्ष, निवासी- बलिया, उत्तर प्रदेश)
- कांस्टेबल (आ०-1088) संतोष कुमार राय (उम्र 50 वर्ष, निवासी- बक्सर, बिहार)
इन दोनों को भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
9 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, किए गए निलंबित:
सरायकेला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना परिसर के भीतर महिला सुरक्षा सुनिश्चित न कर पाने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने वाले 9 पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित किए गए कर्मियों में शामिल हैं:
- सब-इंस्पेक्टर (पु०अ०नि०) अजय पासवान
- सब-इंस्पेक्टर (पु०अ०नि०) ललन रविदास
- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स०अ०नि०) विशु उरांव
- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स०अ०नि०) मुकेश कुजूर
- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स०अ०नि०) मुकेश रविदास
- असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स०अ०नि०) सीता राम सिंह पाहन
- हवलदार पिताम्बर महतो हवलदार बहादुर हांसदा
- कांस्टेबल (आ०-230) मनोज गोराई
पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि थाना परिसर में पीड़िता की सुरक्षा न हो पाना पुलिस की साख को धूमिल करने वाला और आम जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कृत्य है। घोर लापरवाही, शिथिलता, अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के आरोप में इन सभी को जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए पुलिस केंद्र, सरायकेला वापस (लाइन हाजिर) कर दिया गया है। मामले के अन्य बिंदुओं पर अग्रतर कानूनी अनुसंधान जारी है।


