सरना पर बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का बडा बयान, कहा – सरना-सनातन दोनों हिन्दू है, जैसे हिंदुओ में ब्राह्मण, बनिया व्यवस्था है, वैसी ही एक ‘व्यवस्था’ है सरना
ब्राह्मणवाद एक संस्कार है, वैसे ही संथाल आदिवासियों के लिए सरना संस्कार है, सरना और सनातन दोनों में जाति व्यवस्था है, मै भी खुद को हिंदू ही मानता हूँ - बाबूलाल मरांडी

Ranchi. आदिवासी समाज द्वारा सरना धर्म कोड की मांग के बीच बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने आज बडा बयान दिया है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिन्दू में कोई भेद नहीं है, सब एक है। जैसे हिन्दू प्रकृति की उपासना करते है, वैसे ही सरना में प्रकृति की पूजा की जाती है। मरांडी ने कहा कि सरना और सनातन दोनों में ‘जाति’ व्यवस्था है। जैसे हिंदू में बनिया, ब्राह्मण जैसी व्यवस्थाएं है, ऐसी ही एक ‘व्यवस्था’ सरना है। ब्राह्मण लोग अपने संस्कारो के अनुरूप हिंदू धर्म की पूजा पद्दति का पालन करते है, वैसे ही आदिवासी सरना पद्दति का पालन करते है। दोनों ही हिंदू है, मगर संस्कार और पूजा पद्दति अलग अलग है। मरांडी ने कहा कि हिंदू धर्म में 36 कोटि देवी देवता है, उसी के अंतर्गत ‘सरना’ भी हिन्दू का ही हिस्सा है। विविधता में एकता का समावेश सनातन और सरना में है। हिन्दू और सरना में इतनी समानताएं है और लोग कहते है हम आदिवासियों को जबरन हिन्दू बना रहे है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हिंदू किसी को बनाया नहीं जा सकता, हिंदू जन्म से होते है।



