
रांची: रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 25.08.2026 को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन (JJM) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (SBM-G) के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में रांची के उपविकास आयुक्त संजय भगत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, कार्यपालक अभियंता/कनीय/सहायक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, रांची पूर्वी एवं पश्चिमी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
जल जीवन मिशन अंतर्गत योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश:
बैठक में रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रखंडवार एवं प्रमंडलवार समीक्षा की गई। उन्होंने MVS (Multi Village Scheme) एवं SVS (Single Village Scheme) के लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने रांची पूर्वी एवं पश्चिमी प्रमंडल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि JJM के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की अलग-अलग सूची तैयार करें तथा विशेष रूप से रेलवे एवं NHAI से संबंधित मामलों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराएं, ताकि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जा सके।
समीक्षा के दौरान रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लॉ एंड ऑर्डर अथवा भूमि संबंधी किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कहीं ऐसी समस्या उत्पन्न होती है तो उसका तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन के स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए।
गुणवत्ता, डॉक्यूमेंटेशन एवं भौतिक सत्यापन पर विशेष जोर:
रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि JJM के तहत संचालित योजनाओं में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। सभी अधिकारी योजनाओं की नियमित रूप से स्थल जांच करते हुए कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं से संबंधित डॉक्यूमेंटेशन एवं फिजिकल वेरीफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाए। केवल कागजी प्रगति दर्ज करने के बजाय स्थल पर वास्तविक स्थिति का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पेयजल शिकायतों के त्वरित समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं:
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने पेयजल से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि “अबुआ ग्रुप”, झारजल, विभागीय कॉल सेंटर एवं कनीय अभियंताओं के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करते हुए उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
SBM-G के तहत IHHL निर्माण के लिए लाभुकों का शीघ्र चयन करने का निर्देश:
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि IHHL के लिए पात्र लाभुकों का शीघ्र चयन सुनिश्चित किया जाए। लाभुकों के चयन की प्रक्रिया में ऑनलाइन माध्यम का भी उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्र के पात्र लाभुक https://sbm.gov.in/SBM_DBT/Secure/DBT/DBT_Registration.aspx पर ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक सक्रिय रूप से कार्य करें तथा लाभुक चयन एवं शौचालय निर्माण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
मॉडल विलेज के भौतिक सत्यापन में तेजी लाने का निर्देश:
बैठक में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा मॉडल विलेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में कुल लगभग 1300 गांवों में से 499 गांव मॉडल विलेज के रूप में विकसित हो चुके हैं। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शेष गांवों में कार्यों को गति देने तथा मॉडल विलेज के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के बाद उसका सत्यापन सुनिश्चित करें।
ODF Plus की धीमी प्रगति पर चान्हो, मांडर एवं बुढ़मू के प्रखंड समन्वयकों को शोकॉज:
बैठक में ODF Plus गांवों की प्रगति की समीक्षा के दौरान चान्हो, मांडर एवं बुढ़मू प्रखंड में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित प्रखंड समन्वयकों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को ODF Plus से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थल सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
शौचालय उपयोग को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश:
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि केवल शौचालय निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय के नियमित एवं सुरक्षित उपयोग की आदत विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके माध्यम से लोगों को शौचालय के नियमित उपयोग, स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। इनके क्रियान्वयन में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें।



