
रांची. मंत्री इरफान अंसारी के सामने हुए पत्रकार की पिटाई मामले में आज रांची से हजारीबाग तक उग्र प्रदर्शन हुआ। रांची में प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों ने हमले की निंदा की और काली पट्टी बांधकर मंत्री से घटना के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की। पत्रकारों ने मंत्री के उस बयान की भी आलोचना की जिसमे मंत्री ने पत्रकारों की दुकानदारी चलाने की बात की थी, पत्रकारों ने मंत्री को चुनौती दी की वह सामने आकर बताएं किस पत्रकार को वो पैसा देते है, किस पत्रकार की दुकानदारी मंत्री इरफान अंसारी से चलती है। पत्रकारों ने एक मई को हजारीबाग में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। जिसकी रणनीति बनाई जा रही है।
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा – ना झुका हूं, ना झुकूंगा, भाजपा की सुनियोजित भीड़ ने माहौल बिगाड़ा
पूरी घटना पर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि हजारीबाग की घटना ने एक बार फिर भाजपा का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। मैं 28 अप्रैल को हजारीबाग एक पीड़ित अल्पसंख्यक परिवार के आंसू पोंछने गया था। मेरा उद्देश्य सिर्फ इतना था कि उस परिवार का दर्द सुनूं, उनकी समस्या को समझूं और न्याय दिलाने की दिशा में ठोस पहल करूं। लेकिन भाजपा के नेताओं को एक पीड़ित अल्पसंख्यक परिवार के घर तक मेरा पहुंचना रास नहीं आया। उन्होंने सुनियोजित तरीके से भाड़े के लोगों को इकट्ठा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, ताकि असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके और पीड़ित परिवार की आवाज दबा दी जाए।
भाजपा की यह पुरानी राजनीति रही है कि जब भी कोई अल्पसंख्यकों, गरीबों, आदिवासी भाईयों और दबे-कुचले लोगों की बात करता है तो वे बौखला जाते हैं। उनके भीतर इतनी नफरत भरी हुई है कि वे इंसानियत से ऊपर अपनी सियासत को रखते हैं। उन्हें किसी मां के आंसू नहीं दिखते, किसी परिवार का दर्द नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती हुई नजर आती है। यही वजह है कि वे लगातार मेरे खिलाफ झूठ, साजिश और निचले स्तर की बयानबाजी पर उतर आते हैं।
हजारीबाग की घटना ने एक बार फिर भाजपा का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है।
मैं 28 अप्रैल को हजारीबाग एक पीड़ित अल्पसंख्यक परिवार के आंसू पोंछने गया था। मेरा उद्देश्य सिर्फ इतना था कि उस परिवार का दर्द सुनूं, उनकी समस्या को समझूं और न्याय दिलाने की दिशा में ठोस पहल करूं। लेकिन भाजपा के… pic.twitter.com/xhipm4cqRi— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) April 29, 2026
मैं भाजपा के उन नेताओं को साफ शब्दों में चेतावनी देना चाहता हूं कि मैं डरने और दबने वालों में से नहीं हूं। अन्याय के सामने चुप रहना मैंने नहीं सीखा है। मैं हर उस ताकत से लड़ूंगा जो समाज में जहर घोलने का काम कर रही है। मैं यह भी देखना चाहता हूं कि भाजपा के लोगों के मन में मेरे खिलाफ कितना जहर भरा हुआ है और वे इंसानियत की हर हद को पार करने के लिए कितना नीचे गिर सकते हैं।
मैं आज फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं आदिवासी, दलित ,शोषित पिछड़ा ओबीसी किसी भी वर्ग सहित, कौम के खिलाफ ज़ुल्म होगा, जहां भी किसी कमजोर की आवाज दबाने की कोशिश होगी, वहां इरफान अंसारी सिर पर कफ़न बांधकर सबसे आगे खड़ा मिलेगा। मेरी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उस सोच से है जो नफरत को राजनीति का हथियार बनाती है। अगर न्याय की इस लड़ाई में मुझे अपनी जान भी देनी पड़े, तो मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। मैंने पहले भी ना अन्याय और जुल्मों सितम के सामने झुका था, न आज झुकूंगा और न भविष्य में कभी झुकूंगा।



