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रांची में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा, नेताओ ने कहा – मोदी सरकार का विकास कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं

मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से प्रारंभ हुई पदयात्रा, कचहरी चौक होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय पहुंचकर हुआ समापन

रांची. भारतीय जनता पार्टी की ओर से आज रांची में “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अभियान के तहत पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री सह कार्यक्रम के प्रभारी जुएल उरांव, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह झारखंड प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान भाजपा नेताओ ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के द्वारा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। पदयात्रा मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से प्रारंभ हुई। यहां से कार्यकर्ताओं का समूह कचहरी चौक होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय पहुंचा।

मॉक पार्लियामेंट करने से प्रधानमंत्री नहीं बनते, जनता का विश्वास जीतना पड़ता है : जुएल उरांव

केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। अगर प्रधानमंत्री बनना है तो संसद का चुनाव जीतकर आइए, जनता का जनादेश प्राप्त कीजिए और फिर प्रधानमंत्री बनिए। मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने से प्रधानमंत्री नहीं बना जाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एमएलसी चुनाव में भी बेनकाब हो चुकी है। यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ, इसके बावजूद कांग्रेस को जनता ने नकार दिया।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसी राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। लेकिन भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है। देश की जनता अराजकता नहीं, बल्कि विकास चाहती है। ऐसी सोच रखने वाले राजनीतिक दलों को जनता उखाड़ फेकेगी।

श्री उरांव ने झारखंड की हेमंत सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में मंईयां सम्मान योजना विफल साबित हो रही है। सरकार अपनी नीतियों और कार्यशैली के कारण जनता के सवालों के घेरे में है। हेमंत सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। यह सरकार 2029 में अपनी करनी से ही डूबेगी।

कांग्रेस मुद्दाविहीन, एसआईआर का विरोध घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं को बचाने की कोशिश : गजेंद्र सिंह पटेल

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि देश में अराजकता फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ आज भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प ले रहे हैं। उन्होंने एसआईआर की आवश्यकता बताते हुए कहा कि देश में अब तक 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है, जिनमें 10 बार कांग्रेस के नेतृत्व में यह प्रक्रिया हुई। तब कांग्रेस ने कोई विरोध नहीं किया। आज जब मतदाता सूची से मृत और अवैध मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।

गजेंद्र पटेल ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से चल रही है। सभी राजनीतिक दलों के बीएलए इसमें शामिल हैं। किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं कटेगा, इसकी गारंटी भाजपा देती है। नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं और मृत एवं अवैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज झारखंड़ में घुसपैठियों के कारण गांव अल्पसंख्यक हो गए हैं। झारखंड में घुसपैठ की समस्या के कारण आदिवासी समाज की आबादी का अनुपात लगातार प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय और छल कर रही है। भाजपा आदिवासियों के हितों को लेकर सदैव संकल्पित रही है। भाजपा कभी इनके साथ अन्याय नहीं होने देगी।

मोदी सरकार का विकास कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 65 वर्षों के शासनकाल में देश की चिंता करने के बजाय सत्ता और परिवारवाद को प्राथमिकता दी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण और विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। पूरा देश भाजपा की नीतियों के साथ खड़ा है। लेकिन कांग्रेस को एक गरीब परिवार से निकले व्यक्ति का प्रधानमंत्री बनना बर्दाश्त नहीं हो रहा है। नरेंद्र मोदी के दिवंगत माता- पिता तक को गाली दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी का बहाना बनाकर एसआईआर का विरोध कर रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन जहां उसे राजनीतिक लाभ नहीं दिखता, वहां चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। अगर ऐसा होता तो आज झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं होती क्या ?

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