वित्त मंत्री को एक अतिरिक्त सरकारी वाहन के लिए डीजीपी से लगानी पड़ी गुहार, नहीं मिली तो नाराज होकर सभी सुरक्षाकर्मी और कारकेड में शामिल गाड़ियां लौटाई
कारकेड और सुरक्षाकर्मियों को वापस करने के बाद आज वित्त मंत्री बिना काफिले के ही कार्यक्रमों के लिए निकल पड़े। वित्त मंत्री बिना काफिले के ही प्रोजेक्ट भवन भी गए।

रांची. झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपनी ही सरकार के सिस्टम से इतने नाराज हो गए कि उन्होंने सरकारी कारकेड और सुरक्षा में लगे जवानो को लौटा दिया। उन्होंने राज्य के पुलिस कप्तान को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पत्र में बताया है कि उनकी सुरक्षा के लिए कुल 16 पुलिस जवान उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन इन जवानों के मूवमेंट के लिए मात्र 3 सरकारी वाहन ही दिए गए थे। मंत्री का कहना है कि 16 जवानों को केवल 3 वाहनों में ठूंस कर बैठाना सुरक्षा के दृष्टिकोण से बिल्कुल भी उचित नहीं है।
जवानों की परेशानी को देखते हुए मंत्री ने DGP को पत्र लिखकर कुल 4 वाहनों के आवंटन की मांग की थी। मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा है कि उन्हें उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। मामला तब और बिगड़ गया जब वित्त विभाग के संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिंह ने मंत्री के आप्त सचिव को एक नोटिस जारी कर दिया। इस नोटिस में 2022 के एक आदेश का हवाला देते हुए पुलिस मुख्यालय को एक वाहन वापस करने के लिए कहा गया था।
बिना काफिले के ही राजधानी की सड़को पर निकले वित्त मंत्री
कारकेड और सुरक्षाकर्मियों को वापस करने के बाद आज वित्त मंत्री बिना काफिले के ही कार्यक्रमों के लिए निकल पड़े। वित्त मंत्री बिना काफिले के ही प्रोजेक्ट भवन भी गए।



