
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी हूल दिवस पर हूल क्रांति के महानायकों को श्रद्धासुमन अर्पित किया है। उक्त सभी नेताओं ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर जनजातीय समाज के महानायकों के जज्बे को नमन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि हूल दिवस मातृभूमि के लिए मर-मिटने वाले हमारे आदिवासी समाज के अद्भुत जज्बे का सशक्त प्रतीक है। भारतीय इतिहास के इस गौरवशाली अवसर पर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे उन सभी वीर-वीरांगनाओं को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि, जिन्होंने विदेशी शासन के अन्याय का डटकर मुकाबला किया। जनजातीय गरिमा और मान-सम्मान की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और बलिदान की कहानी देशवासियों में नई ऊर्जा का संचार करती रहेगी।
हूल दिवस मातृभूमि के लिए मर-मिटने वाले हमारे आदिवासी समाज के अद्भुत जज्बे का सशक्त प्रतीक है। भारतीय इतिहास के इस गौरवशाली अवसर पर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे उन सभी वीर-वीरांगनाओं को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि, जिन्होंने विदेशी शासन के अन्याय का डटकर मुकाबला किया।…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2026
गृह मंत्री अमित शाह ने जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को ‘हूल दिवस’ के अवसर पर स्मरण कर नमन करते हुए कहा है कि जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का ऐसा शंखनाद किया, जिसने पराधीनता के विरुद्ध जन-जन में प्रतिरोध की चेतना का संचार किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू, चाँद और भैरव मुर्मू सहित सभी वीर क्रांतिकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि संथाल क्रांति ने अन्याय, शोषण और अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध स्वाभिमान, साहस तथा जनप्रतिरोध की ऐसी चेतना जगाई, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान की। इन अमर सेनानियों का अद्वितीय बलिदान हमारी जनजातीय गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रभक्ति के प्रति अटूट संकल्प का प्रेरणास्रोत बना रहेगा।



