स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा, सेविका-सहायिका चयन में पारदर्शिता बरतने का निर्देश, बेड़ो और मांडर पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज, वेतन रोकने का आदेश
कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर समुचित इलाज व पोषाहार उपलब्धता सुनिश्चित करने और पोषण ट्रैकर एप में शत-प्रतिशत डाटा एंट्री करने का निर्देश

रांची. उपयुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित उपायुक्त सभागार में स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला मलेरिया पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, एसीएमओ, सभी एमओआईसी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम), सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) में बेड के अनुरूप शत-प्रतिशत भर्ती कराने तथा समुचित इलाज एवं पोषाहार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सेविका-सहायिका चयन में पारदर्शिता अनिवार्य
आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण में बाधा पर कार्रवाई के निर्देश
आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण एवं भूमि चिन्हितीकरण की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अंचल अधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कांके एवं सोनाहातू प्रखंडों में चिन्हित भूमि पर स्थानीय एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा कार्य में बाधा उत्पन्न करने की सूचना पर उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित शिक्षक के विरुद्ध शोकॉज जारी करने का भी निर्देश दिया गया।
बेड़ो और मांडर पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज, वेतन रोकने का आदेश
बेड़ो एवं मांडर प्रखंडों के कुपोषण उपचार केंद्रों में अपेक्षाकृत कम नामांकन पाए जाने पर संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज जारी करते हुए उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश उपायुक्त द्वारा दिया गया।
मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यशील रसोई, विद्युत संयोजन, शौचालय निर्माण एवं पाइपयुक्त पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। लंबित बिजली कनेक्शन के मामले में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जीबीवीएनएल के महाप्रबंधक से पत्राचार कर कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संस्थागत प्रसव व टीकाकरण पर जोर
संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने ड्यू लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया। साथ ही वीएचएसएनडी के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने एवं प्रत्येक योग्य लाभार्थी तक सेवाएं पहुंचाने पर बल दिया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषण ट्रैकर ऐप में शत-प्रतिशत डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं की मॉनिटरिंग सटीक रूप से हो सके।
जनजागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने झोलाछाप डॉक्टरों से दूर रहने के लिए आमजन को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं, सहायिका-सहिया इस बात विशेष ध्यान रखें कि लोग झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में अपनी सेहत खराब न करें। साथ ही बैठक के दौरान उपायुक्त ने झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी सहायक निदेशक समाजिक सुरक्षा को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जिन लाभुकों का सत्यापन बाकी है, उसे पूर्ण कराकर लाभुकों को योजना का लाभ सुनिश्चित करें, साथ ही उन्होंने योजनाओं में डुप्लीकेसी पर भी कार्य करने के निर्देश दिये। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



