
रांची. राज्य की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा Jharkhand Regularisation of Unauthorisedly Constructed Building Rules, 2026 लागू किये जाने के बाद बिना नक्शा के बने भवनों के नियमितीकरण की राह आसान हो गयी है। हालांकि अब भी कई भवन मालिक नियमो से बेखबर है। तो आज हम सरल भाषा में आपको बताएंगे कि भवन नियमित कराने कि पूरी प्रक्रिया क्या होने वाली है:-
नए नियम के तहत 3229.17 वर्ग फीट भूमि तक तथा G+2 तक के बिना नक्शा के बने भवनों को निर्धारित शुल्क के साथ नियमित किया जाएगा। इसके अंतर्गत आवासीय भवनों के लिए 10,000 रुपये तथा व्यावसायिक भवनों के लिए 20,000 रुपये का एकमुश्त नियमितीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रारंभिक शुल्क जमा करने के बाद नगर निगम के कनीय अभियंता द्वारा स्थल मापन किया जाएगा तथा नक्शा स्वीकृत होने के बाद शेष राशि जमा करनी होगी। भवन स्वामी को नगर निगम में पंजीकृत LTP (लाइसेंस्ड तकनीकी पर्सन) के माध्यम से भवन का नक्शा तैयार कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के पश्चात भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जांच लीगल सेक्शन द्वारा की जाएगी। कागजात सही पाए जाने पर आवेदन जेई के लॉगइन में भेजा जाएगा, जहाँ स्थल निरीक्षण के बाद इसे टाउन प्लानर को आगे कि प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। G+1 भवनों का अनुमोदन टाउन प्लानर द्वारा तथा G+2 भवनों का अनुमोदन नगर आयुक्त एवं आरआरडीए उपाध्यक्ष द्वारा किया जाएगा।

नगर निगम तैयार: भवन नियमितीकरण के संबंध में आज नगर निगम में नगर आयुक्त की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित करने के लिए एक व्यापक एवं प्रभावी रोडमैप तैयार किया जाए, जिससे कम समय में अधिक से अधिक नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंच सके और वे इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नियमावली के प्रावधानों को सरल भाषा में तैयार कर आम लोगों के लिए सहज रूप से उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए उन्होंने पदाधिकारियों को एक समर्पित टीम का गठन करने, हैंडबिल के माध्यम से शहर के सभी वार्डों में घर-घर जानकारी पहुंचाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। साथ ही, नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने और निगम कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। जल्द ही हितधारकों की मीटिंग आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।



