
रांची: आज दिनांक 23/08/2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची महोदय द्वारा पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारियों एवं यातायात पुलिस पदाधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था संधारण, यातायात नियंत्रण, लंबित कांडों के अनुसंधान एवं निष्पादन तथा पुलिसिंग से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिले में अपराध की स्थिति, लंबित कांडों के अनुसंधान, भूमि विवाद से संबंधित कांड, Missing Persons, IT Act से संबंधित मामले, चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराध, न्यायालयीय प्रक्रियाओं, मालखाना में लंबित जब्त सामान एवं वाहनों, यातायात व्यवस्था तथा पुलिस की जनसेवा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निम्नलिखित आवश्यक निर्देश दिए गए—
* लैंड डिस्प्यूट (भूमि विवाद) से संबंधित कांडों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान तथा निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
* Missing Persons से संबंधित कांडों की नियमित समीक्षा कर गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र बरामदगी एवं ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
* IT Act से संबंधित कांडों में अनुसंधान की प्रगति की समीक्षा करते हुए तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का समुचित संकलन कर निर्धारित समय-सीमा में कांडों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
* CEIR Portal में दर्ज Lost Mobile से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। बरामद मोबाइल फोन का नियमानुसार सत्यापन एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें संबंधित व्यक्तियों को वापस उपलब्ध कराया जाए।
* सभी थाना प्रभारी कांडों की Reporting एवं Disposal पर विशेष ध्यान दें तथा अनुसंधान पूर्ण होने के उपरांत विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए कांडों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
* मालखाना में लंबित जब्त सामान एवं वाहनों की समीक्षा कर वैसे कांडों को चिन्हित किया जाए, जिनका अनुसंधान/न्यायालयीय निष्पादन हो चुका है। ऐसे मामलों में न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त कर जब्त वाहनों एवं अन्य सामग्रियों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
* चोरी के मामलों के उद्भेदन के लिए विशेष प्रयास किए जाएं तथा चोरी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए।
* ट्रैफिक रेगुलेशन एवं यातायात नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील मार्गों पर यातायात पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
* आम नागरिकों को FIR दर्ज कराने के लिए थाना-थाना भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने एवं शिकायत के निष्पादन की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए।
* पेट्रोलिंग पार्टियों द्वारा QR Code आधारित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित पेट्रोलिंग प्वाइंट पर QR Code स्कैन कर गश्ती की नियमितता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए।
* रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सभी थाना प्रभारी स्वयं रात्रि में क्षेत्र भ्रमण एवं पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे तथा अपने थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देंगे।
* सभी पुलिस उपाधीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में रूटीन पेट्रोलिंग, रात्रिकालीन गश्ती एवं थाना स्तर पर की जा रही पुलिसिंग की नियमित निगरानी एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करेंगे।
* कांडों के अनुसंधान में E-Sakshya (ई-साक्ष्य) का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा साक्ष्यों के उचित संकलन, अपलोडिंग एवं सुरक्षित रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।
* संबंधित मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर अनुसंधान पूर्ण कर चार्जशीट प्रस्तुत करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा अनुसंधान में अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
* चरित्र सत्यापन एवं पासपोर्ट सत्यापन से संबंधित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
* Surveillance Proceeding के अंतर्गत ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित किया जाए, जो विशेष रूप से NDPS एवं अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं, जेल से छूटकर आए हैं तथा जिनके विरुद्ध दो या दो से अधिक कांड दर्ज हैं। ऐसे चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार निगरानी प्रस्ताव तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
* अपराधियों, असामाजिक तत्वों एवं जेल से बाहर आए अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए।
* चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, NDPS, चोरी, गृहभेदन एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
* अपराध नियंत्रण के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रत्येक थाना क्षेत्र में अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
* POCSO मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाई जाए तथा पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
* गुमशुदा व्यक्तियों एवं बच्चों से संबंधित मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी एवं ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
* लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत एवं अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, कांडों का समयबद्ध निष्पादन, विधि-व्यवस्था का संधारण एवं आम जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान, पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के साथ करें।



