ढोल-मांदर की थाप पर थिरका शहर, बारिश के बीच सरहुल शोभायात्रा में दिखा प्रकृति और परंपरा का अद्भुत संगम, व्यापक थी सुरक्षा व्यवस्था, देखिये तस्वीरें
सखुआ (साल) फूलों से सजी झांकियां, मांदर-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक नृत्य इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहे। ख़राब मौसम और बारिश के बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर उमड़ी भीड़ ने इस पर्व की भव्यता को और भी खास बना दिया।

रांची. प्रकृति पर्व सरहुल आज राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में हर्षोल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा ने शहर को पूरी तरह उत्सव के रंग में रंग दिया, जहां ढोल-मांदर की थाप और पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा ने संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरी। सुबह से ही लोग पारंपरिक परिधानों में सजे नजर आये। सखुआ (साल) फूलों से सजी झांकियां, मांदर-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक नृत्य इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहे। ख़राब मौसम और बारिश के बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर उमड़ी भीड़ ने इस पर्व की भव्यता को और भी खास बना दिया।


सरहुल पर्व के तहत सरना स्थलों पर पाहनों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। सरहुल के अवसर पर पाहन द्वारा पूजा के दौरान रखे गए घड़े के जल स्तर के आधार पर यह संकेत दिया गया कि इस वर्ष झारखंड में अच्छी और भरपूर वर्षा होगी, जिससे खेतों में अच्छी फसल होगी और अन्न भंडार भरे रहेंगे। सरहुल पर्व में वर्षा पूर्वानुमान की यह परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है, जिसमें घड़े के जल स्तर को देखकर आने वाले मौसम का आकलन किया जाता है।

सरहुल पूजा महोत्सव में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन आज आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची पहुंचे। मुख्यमंत्री ने प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर यहां आयोजित महोत्सव में सम्मिलित होकर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की तथा समस्त झारखंड वासियों के कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि आज उत्साह और हर्षोल्लास का दिन है। आदिवासी समुदाय के लिए आज एक बहुत बड़ा क्षण है। हर वर्ष हम लोग इस प्रांगण में मिलते रहे हैं, आगे भी आते रहेंगे, आप सभी से मिलते भी रहेंगे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन सिरम टोली रांची स्थित सरना स्थल भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।


पुलिस बल एवं दंडाधिकारी बल की तैनाती
सरहुल और ईद को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी तथा सादे लिबास में पुलिस बल तैनात किया गया था।

राज्य स्तर पर भी झारखंड पुलिस द्वारा अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई थी। प्रमुख इलाकों, मस्जिदों, पूजा स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा रही थी। यातायात पुलिस द्वारा प्रमुख चौराहों, मार्गों एवं जुलूस/प्रक्रिया वाले क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की गई थी। आवश्यकतानुसार डायवर्जन एवं पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।



