झारखंड देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में बना अग्रणी राज्य, मजबूत अर्थव्यवस्था के मामले में राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ी छलांग, हेमंत सोरेन सरकार की नीतियों का दिख रहा है असर
वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन के मामले में झारखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है और कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।

रांची. नीति आयोग की ताज़ा रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड अब देश की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से अपनी जगह बना रहा है। वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन के मामले में झारखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है और कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रमुख 18 राज्यों की वित्तीय स्थिति का आंकलन किया गया, जिसमें झारखंड ने राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक में 50.5 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस सूची में पहले स्थान पर ओडिशा और दूसरे स्थान पर गोवा है। झारखंड का यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य में बेहतर वित्तीय अनुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने सामाजिक कल्याण, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रबंधन को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया है।
हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमे वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना भी इस आर्थिक मजबूती का आधार है। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि झारखंड आज आर्थिक और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। लगातार सुधार और बेहतर नीतियों के कारण राज्य अब विकास की नई कहानी लिख रहा है।
नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण झारखंड न केवल विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बनता जा रहा है।



