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झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, राज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां, 24 फरवरी को पेश होगा बजट

रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत में स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सदन को संबोधित करते हुए की। इसके बाद राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को रखा। वहीं स्पीकर ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी यहां जनता के विश्वास और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की निगाहें सदन की कार्यवाही पर टिकी रहती हैं। उन्होंने कहा कि हर शब्द, हर आचरण और हर निर्णय में राज्यहित सर्वोपरि होना चाहिए। लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि यह सत्र स्वस्थ, सकारात्मक और परिणामोन्मुखी माहौल में संचालित हो।

17 कार्य दिवस में बजट व नीतियों पर होगी चर्चा:

स्पीकर ने बताया कि वर्ष 2026 का यह बजट सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह षष्ठम विधानसभा का पंचम सत्र है, जो 18 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च 2026 तक चलेगा। कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों में बजट सहित राज्य की नीतियों, योजनाओं, वित्तीय प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट भी इसी सत्र में पेश किया जाएगा, ताकि चल रही योजनाओं और आवश्यक व्ययों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

24 फरवरी को पेश होगा 2026-27 का वार्षिक बजट:

सत्र के दौरान 24 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। यह बजट राज्य की भावी दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करेगा। संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित विकास के लिए यह दस्तावेज मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

सदस्यों को अनुदान मांगों पर चर्चा, कटौती प्रस्तावों के माध्यम से समीक्षा और नीतिगत सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। स्पीकर ने उम्मीद जताई कि बहस तथ्यपरक और जनोन्मुखी होगी तथा सदन की गरिमा बनाए रखी जाएगी।

नेवा प्रोजेक्ट से विधानसभा की कार्यवाही होगी डिजिटल:

सत्र के साथ ही तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल इ-विधान (नेवा) प्रोजेक्ट के तहत आंशिक क्रियान्वयन शुरू किया गया है। 11 फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया था। अब शून्यकाल की सूचनाएं नेवा एप के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी। सदस्यों को भौतिक रूप से सूचना देने की आवश्यकता नहीं होगी। भविष्य में प्रश्नोत्तर, कार्यसूची और विधेयकों का भी डिजिटलीकरण किया जाएगा। यह पहल पेपरलेस विधानसभा की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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