
रांची: आदिवासी संगठनों ने कुड़मी आंदोलन के पीछे बीजेपी का हाथ होने का आरोप लगाया है. रांची में सोमवार को हुई आदिवासी संगठनों की बैठक में 20 सितंबर को राजभवन के सामने कुड़मी समाज द्वारा आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में हुए धरना प्रदर्शन की समीक्षा की गयी. साथ ही आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई. बैठक में शामिल आदिवासी वक्ताओं ने कहा कि कुड़मी समाज के लोग जबरन एसटी सूची में शामिल होने की मांग कर रहे है. इसके लिए रेल परिचालन बाधित कर करोड़ो के सरकारी राजस्व की क्षति पहुंचाई गयी. आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि कुड़मियों का आंदोलन पूरी तरह से केंद्र की भाजपा सरकार की सांठगांठ का परिणाम है. बैठक में निर्णय हुआ कि आगामी 28 सितंबर को रांची में सभी आदिवासी संगठनों की बैठक होगी और कुड़मियों के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया जायेगा. मौके पर लक्ष्मी नारायण मुंडा, कुदरसी मुंडा, निरंजना हेरेंज आदि मौजूद थे.



