बसंत पंचमी पर शिक्षा में बदलाव का बसंत, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 100 नए सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस को दी मंजूरी, अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा नामांकन
जेईपीसी निदेशक ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तावित विद्यालयों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

रांची. झारखंड की ‘अबुआ सरकार’ ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राज्य के विद्यार्थियों को भविष्य का सबसे बड़ा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए 100 अतिरिक्त सरकारी स्कूलों को ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही अब झारखंड के सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम के तहत विश्वस्तरीय शिक्षा सुनिश्चित होगी। अगले छह महीनों के भीतर इन स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता मिल जाएगी, जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से राज्य के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे भी कॉन्वेंट स्तर की आधुनिक शिक्षा मुफ्त प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री का यह कदम झारखंड की शिक्षा के क्षेत्र में ‘सुनहरा अध्याय’ लिखने वाला साबित होगा।
प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के संबंध में राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा स्वीकृत प्रस्तावित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए फील्ड अनुश्रवण का कार्य 27 जनवरी, 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर जेईपीसी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए। जेईपीसी निदेशक ने बताया कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तावित विद्यालयों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रस्तावित विद्यालयों का गहन निरीक्षण कर कक्षा कक्षों के निर्माण की आवश्यकता, बुनियादी सुविधाओं (पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था), पाठ्य सामग्रियों की उपलब्धता, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं एवं आईसीटी इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी आवश्यकताओं का यथार्थ आकलन करते हुए रिपोर्ट तैयार करें। प्रस्तावित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को आगामी छह माह के भीतर सीबीएसई से मान्यता मिलने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक मानकों एवं प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
शशि रंजन ने बताया कि प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की आधारभूत संरचना एवं अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2027–28 से सीबीएसई की तर्ज पर पढ़ाई शुरू होगी। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल बनाया जाएगा, ताकि ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरी स्तर की शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।



