
रांची: झारखंड में आज 15 दिसंबर से धान खरीद की शुरुआत हुई. इस साल सरकार ने 2,51,072 किसानों से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करीब 60 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. राज्य सरकार द्वारा गठित 834 धान अधिप्राप्ति में से पहले दिन 82 स्थानों पर धान खरीद की शुरुआत हुई. राजधानी रांची के नामकुम स्थित लैम्प्स पर धान खरीद की शुरुआत जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे ने की.
इस मौके पर किसानों ने बिचौलियों से बचाने के लिए सरकार से धान खरीद का समय नवंबर के दूसरे सप्ताह में रखने का आग्रह किया. किसानों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि ससमय भुगतान हो और धान खरीद कर ली जाए तो बिचौलिए हावी नहीं होंगे. मगर सरकार हर साल देर से इसकी शुरुआत करती है. इस वजह से किसान पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए बिचौलिए को धान बेच देते हैं.
भुगतान से पहले जनसेवक या सरकारीकर्मी करेंगे प्रतिदिन पंच:
झारखंड सरकार ने धान खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए जहां 2जी के बजाय 4जी पॉस मशीन का इस्तेमाल इस साल से शुरू किया है. वहीं प्रतिदिन किसानों को धान खरीद के पैसे के भुगतान से पहले सरकारीकर्मी या जनसेवक को पंचिंग करना अनिवार्य किया है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे के अनुसार, रांची में कुल 43 धान अधिप्राप्ति केन्द्र बनाए गए हैं. जहां आज शुरुआत हो गई है. उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान को लेकर कोई परेशानी ना हो इसके लिए 2 करोड़ राशि प्राप्त हो चुकी है, जिससे सरकार द्वारा निर्धारित दो से सात दिन के अंदर डीबीटी के माध्यम से राशि चली जायेगी.
इस मौके पर नामकुम लैम्प्स के मैनेजर नीरज कुमार ने कहा कि धान अधिप्राप्ति के लिए रजिस्टर्ड किसानों को मैसेज करके निर्धारित दिन में आने के लिए कहा जाता है. उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. इसके लिए जो समय दिया गया है, उसी के तहत उन्हें भुगतान मिलेगा.
नामकुम लैम्प्स के अध्यक्ष आरती कुजूर कहती हैं कि इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से धान का पैदावार भी बढ़िया हुआ है. उम्मीद करते हैं कि किसान बढ़-चढ़कर धान अधिप्राप्ति केंद्र में अपना धान बेचने का काम करेंगे. सरकार के निर्णय के अनुसार, आज से 31 मार्च 2026 तक सभी लैम्प्स में धान खरीदे जाएंगे.



